नई  दिल्ली. आज विज्ञान इतनी तरक्की कर चुका है कि गर्भ रोकने के लिए हमारे पास कंडोम से लेकर नसबंदी जैसे तमाम उपाय मौजूद हैं. हमारे पूर्वजों के पास ये उन्नत तकनीकें नहीं थी फिर भी वे गर्भ रोकने में समर्थ थे.
 
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प्राचीन चीन में गर्भ रोकने के लिए लोग महिलाओं को मरक्यूरी और तेल का घोल पिलाते थे. मरक्यूरी शरीर के लिए ज़हर के सामान होती है जिसके अधिक मात्रा में सेवन से इनफर्टिलिटी होती है. ग्रीस में महिलाएं सेक्स के बाद जैतून के तेल से नहाती थी, दरअसल जैतून के तेल से नहाने पर पुरुष का स्पर्म धूल जाता था जिससे वो प्रेगेनेंट नहीं होती थीं.
 
प्राचीन मिस्र में महिलायें शहद का घोल अपने गर्भाशय पर लगाती थी जो स्पर्म के लिए अवरोधक का काम करता था. कुछ लोग ये तरीका आज भी अपनाते है इसे ‘हनी कैप’ के नाम से भी जाना जाता है. पुरानी सभ्यताओं में मिले कुछ अवशेषों से भी ये स्पष्ट होता है कि उस समय भी लोग कंडोम का इस्तेमाल किया करते थे. प्राचीन ग्रीक और रोमन लोग जानवरों की अंतड़ियों से बने कंडोम का उपयोग किया करते थे. प्राचीन हिब्रू संस्कृति के लोगो का मानना था कि अगर महिलाये स्पंज को वेनिगर के घोल में डूबाकर अपनी योनि में प्रविष्ट कराये तो वह गर्भ धारण नहीं करती.