बैंगलुरु.  मैट्रो पॉलिटन सिटी में रहने वाले शादीशुदा कपल्स के अफेयर या एक-दूसरे को धोखा देना आम बात है. सोसाइटी ऐसे दौर से गुजर रही है जिसमें किसी चीज को गलत या सही के मापदंड से नहीं देखा जा सकता. अगर आप अपने पार्टनर के किसी चीज के लिए रोकेंगे तो हो सकता है वह आपको बोले की ज्यादा जजमेंटल होने की जरूरत नहीं है या दिमाग खराब है, छोटी बुद्धि ऐसे बहुत सारे काउंटर सवाल आपसे किए जा सकते हैं.
 
आपको इन सब से बचना है और आपको भी अपने पार्टनर पर शक है साथ ही डर है कि आपके किसी सवाल का जवाब सही नहीं मिलने वाला तो कुछ आप ऐसा कर सकते हैं जो बैंग्लौर के रहने वाले 31 साल के इंजिनियर ने किया. 
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक  इस व्यक्ति को अपने बीवी पर काफी टाइम से शक था लेकिन उसके पास कोई सबूत नहीं था जिससे वह उसे रंगे हाथों पकड़े. जब सामने से वह अपनी बीवी से पूछता था तो उसकी बीवी उसको मना कर देती थी. इस बीच उसने अपनी बीवी को पकड़ने के लिए घर के ड्राइंग रुम में कैमरा लगवा दिया.
 
लेकिन कुछ महीने तक उसमें ऐसा कुछ खास नहीं दिखा. कुछ समय बाद लीविंग रुम उसने अलग-अलग डॉयरेक्शन में दो और कैमरे लगवाएं. साथ ही उसने अपने बीवी के लैपटॉप और फोन में ऐसा शेटिंग कर दी ताकि वह किसी से भी बात करें उसकी जानकारी उस तक पहुंच जाएं.
 
2015 के जुलाई मीड में उसने अपनाी बीवी के फोन ट्रेक किया जिससे उससे पता चला कि वह अपने ब्वॉयफ्रेंड को कॉल करती है और कहती है वह कॉनट्रेसेपटिव पिल्स लेकर आए. हिडेन कैमरा ने दो ऐसे शॉट भी थे जिसमें दो लोग सेक्स कर रहे थे. दो फूटेज सामने आए एक शॉट में बेडरुम एंड किचेन में सेक्स कर रहें थे वह भी उस समय जब 3 साल की बेटी सो रही थी.  ये फूटेज देखते ही पति  को पूरा यकीन हो गया कि उसका शक सही है ये दखते ही उसने कोर्ट में डिवोर्स फाइल किया बाद में इस केस को BMC रेफर कर दिया गया. 
 
BMC (Bangalore Mediation Centre) के मुताबिक मेट्रो पॉलिटन सिटी में ऐसे बहुत सारे केस आ रहे हैं. इस केस में भी यही हुआ पति-पत्नी के बीच विश्वास बिलकुल खत्म हो गया. एक दूसरे पर बिल्कुल विश्वास नहीं करते जिसकी वजह से वह एक-दूसरे के पर्सनल दखल अंदाजी करने से अच्छा वह बाहर प्यार ढुढ़ने लगते हैं. ऐसा अक्सर देखा जाता है कि ऐसी शादी में अतत: शादी बचाने के लिए जो जैसा चल रहा है उसे चलने देते हैं या उस रिश्ते को तोड़कर आगे बढ़ जाते हैं.
 
इस केस में भी यही हुआ पत्नी को जब पूरी तरह से एहसास हो गया कि अब इस रिश्ते में रहना मुश्किल है तो उसने डिवोर्स लेना ही ठीक समझा और अपने बच्चे को भी पति को सौंप दिया. बता दें कि भारत में आए दिन ऐसे कई रिश्ते कोर्ट में हैं. ऐसे बहुत सारे रिसर्च सामने आए हैं कि इस भागदौड़ वाली लाइफस्टाइल में लॉयलटी नाममात्र की रह गई है.