नई दिल्ली. समाजवादी परिवार में मचा घमासान अब बेहद अहम मोड़ पर आ पहुंचा है. कल दिल्ली से लखनऊ पहुंचे मुलायम ने आज ऐलान कर दिया कि सब कुछ ठीक है लेकिन जो आसार दिख रहे हैं उससे लगता नहीं कि कुछ भी ठीक है.
 
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कल रात में शिवपाल के इस्तीफे के बाद आज सुबह से मुलायम के घर पर बैठकों के दौर पर दौर चले. कभी भाई-भाई, तो कभी बाप-बेटे, तो कभी चाचा भतीजे में मैराथन बैठकें चली. दूसरी तरफ जब मुलायम पार्टी दफ्तर में सब ठीक ठाक होने का एलान कर रहे थे. तब उन्हीं के सामने शिवपाल-शिवपाल के नारे लगने लगे.
 
वहीं, तेवर दिखाने के बाद शिवपाल एक बार फिर कह रहे हैं कि जो नेताजी कहेंगे वही होगा हलांकि वो कल यानि शनिवार को फैसले का दिन होने का भी एलान कर चुके हैं. सवाल उठता है कि युद्ध विराम के जिस फॉर्मूले को लेकर मुलायम आश्वस्त दिख रहे हैं, वो हकीकत में कितना कारगर है ? क्या शिवपाल और अखिलेश दोनों को मना पाएंगे मुलायम या समाजवादी पार्टी दो-फाड़ होने की कगार पर है.
 
इंडिया न्यूज के खास शो ‘किस्सा कुर्सी का’ इसी अहम मुद्दे पर पेश है चर्चा. 
 
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