नई दिल्ली. कुछ समय पहले भारत में रॉयल एनफील्ड क्लासिक 500 पेगासुस की 1000 बाइकों में से 250 भारत में बेचा गया. ये कुछ सेकंड में ही ऑनलाइन बिक गई. लेकिन लगभग ढाई लाख की इस बाइक को उसके धीरज जरुआ नाम के एक मालिक ने उसे कूड़े के ढेर में फेंक दिया. इसके बाद से धीरज चर्चाओं में आ गए. कबाड़ में पड़ी इस बाइक की फोटो rushlane.com ने जारी की. धीरज बाइक से इसलिए नारा ज थे क्योंकि उन्होंने दो दिनों तक उसे खरीदने की तैयारी की. लेकिन तेज बिक्री से कंपनी की वेबसाइट क्रैश हो गई और फिर दूसरी तारीख की घोषणा हुई. इसके बाद कुछ दिनों में रॉयल एनफील्ड ने क्लासिक सिग्नल्स 350 एडीशन भी लॉन्च कर दिया जिससे पेगसास को लेकर लोगों की दीवानगी कम हो गई. वहीं पेगसास के मुकाबले उसका डुअल चैनल एबीएल की कीमत लगभग 60 हजार कम है. जिससे वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. उनके अलावा कई और लोग हैं जिन्होंने 25000 की टोकन राशि देने के बाद भी डिलिवरी लेने से इंकार कर दिया.

वहीं रिपोर्ट्स की मानें तो पेगसास इसलिए खास है क्योंकि इसे स्पेशल लाइसेंस के भीतर बनाया गया है और इसके लिए खास प्रीमियम भी भरा गया है जिसकी वजह से इसकी कीमत अधिक है.वहीं इस नुकसान के मुआवजे के तौर पर धीरज चाहते हैं कि कांपनी उनकी मोटरसाइकिल में भी डुअल चैनल एबीएस इंस्टॉल करे और वहीं बाइक के क्लासिक सिग्नल एडीशन की फ्यूल टंकी से स्टेंसिल नंबरों को हटाए ताकि पेगासुस की खास पहचान बनी रहे.

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