नई दिल्ली. पालतु जानवर कभी व्यक्ति के जीवन में इंसान से कम भूमिका नहीं निभाता है. अमेरिका के न्यूयॉर्क में क्लार्कसन यूनिवर्सिटी पढ़ने वाली 25 वर्षीय अपंग लड़की ब्रिटनी हौले का डॉगी ग्रिफिन ने यह बात सच साबित करके भी दिखाई है. हाल ही में प्रतिभाशाली डॉगी ग्रिफिन डिप्लोमा से भी नवाजा गया है. दरअसल कुछ समय पहले ब्रिटनी हौले ने क्लार्कसन यूनिवर्सिटीसे ऑक्युपेशनल थैरेपी में मास्टर डिग्री पूरी की. लेकिन इसके साथ साथ उनके 4 साल के सर्विस डॉगी ग्रिफिनल को भी डिप्लोमा दिया गया, जिसे वे एक ”पौज 4 प्रिजन” प्रोग्राम के तहत लाईं थीं.

व्हीलचेयर पर जिंदगी गुजार रहीं ब्रिटनी हौले डॉगी ग्रिफिन को लेकर कहती हैं कि मैंने पहले दिन से ही उसे ग्रेजुएट होने के लिए प्रोत्साहित किया था. वो हमेशा वही सब करता था जो मैं करती थी. उन्होंने कहा कि ग्रिफिन काफी तादाद में फिजिकल टास्क पूरे करता है. जैसे वह दरवाजे खोलना, लाइट खोलना और जरा से इशारे पर उनतक चीजें पहुंचाना काफी बेहतर तरीके से जानता है. लेकिन सबसे जरूरी बात है कि ग्रिफिन की मदद से ब्रिटनी को डिप्रेशन, थकान पैदा करने वाले भयंकर दर्द से आराम मिलता है.

वहीं ग्रिफिन को लेकर ब्रिटनी कहती हैं कि जब वे सर्विस डॉगी के लिए ”पौज 4 प्रिजन” पहुंची थी तो वहां काफी संख्या कुत्ते मौजूद थे. लेकिन कुछ डॉगी व्हीलचेयर की वजह से ब्रिटनी के पास आने से घबरा रहे थे. अचानक ग्रिफिन छंलाग लगाते हुए मेरे गालों को प्यार में चाटने लगा. बता दें कि हौले और ग्रिफिन ने उत्तरी कैरोलिना में फोर्ट ब्रैग में इंटर्नशिप के दौरान काम किया, गतिशीलता में कमी के साथ-साथ मनो-सामाजिक विकारों के साथ सैनिकों की सहायता भी की.

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