शहडोल. मध्य प्रदेश में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. राज्य के शहडोल जिले के गांव बिजौरी के पास बसाई गई एक बस्ती पिछले पांच सालों से वीरान पड़ी हुई है. लोगों के लोगों के मकान खाली पड़े हुए हैं. लेकिन रहने वाला कोई नहीं है. मिली जानकारी के मुताबिक इस गांव के लोगों का मानना है कि यहां पर भूतों का साया है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
सरकार ने बसाई थी बस्ती
सरकार ने गांव के पास ही बैगा हितग्राही विकास योजना के तहत 30 लाख रुपए खर्च कर इस बस्ती को बसाया था ताकि बैगा आदिवासियों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. लेकिन साल 2011-12 में बनकर तैयार हो चुकी इस बस्ती में रहने वाला नहीं है.
क्या है पूरा मामला
गांव के लोगों ने बताया कि यहां बसने के बाद अचानक एक शख्स की मौत हो गई. रात में घरों के टिन शेड हिलने लगते हैं. भयानक आवाजे आती हैं. 3-4 दिन सबकुछ झेलने के बाद लोगों ने इन घरों को छोड़ दिया. अब 5 साल हो गए हैं लेकिन कोई भी वापस लौटने की हिम्मत नहीं जुटा सका है. 
क्या कहता है प्रशासन
प्रशासन ने इस मामले में पिछले 5 सालों से कोई ध्यान नहीं दिया है. अधिकारियों ने आदिवासियों को घर की चाभी सौंपने के बाद पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया. फिलहाल मीडिया में मामला सामने के आने के बाद जांच की बात की जा रही है. जिन लोगों के लिए लाखों खर्च करके बस्ती बसाई गई थी वह आज भी अशिक्षा और अंधविश्वास के चलते जर्जर झोपड़ियों में किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं.