चिकपेटः बेंगलुरू शहर में स्थित चिकपेट विधानसभा सीट पर बीजेपी को जीत हासिल हुई है. यहां बीजेपी ने कांग्रेस के आरवी देवराज के सामने उदय बी गरुदाचार को खड़ा किया था, जहां पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी के गरूदाचार ने देवराज को 7934 वोटों से हराया. बीजेपी के गरूदाचार को कुल 57312 वोट मिले, जबकि आर वी देवराज को 49378 मिले. तीसरे स्थान पर रहे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के मुजाहिद पाशा को 11700 वोट मिले. जबकि जनता दल सेकुलर के उम्मीदवार यहां चौथे स्थान पर रहे. जद(से) के उम्मीदवार डी. हेमचंद्र सागर को 6286 वोट मिले. 

आपको बता दें कि बेंगलुरू शहर में स्थित चिकपेट एक महत्वपूर्ण और वीआईपी सीट थी क्योंकि यहां पर राज्य का दूसरा सबसे अमीर उम्मीदवार अपना किस्मत आजमा रहा था. यहां से बीजेपी के उम्मीदवार उदय बी गरुदाचार ने नामांकन के समय अपनी संपत्ति 196 करोड़ रुपए घोषित की थी जो कि उन्हें राज्य का दूसरा सबसे अमीर उम्मीदवार बनाते हैं. उनकी जीत ने राजनीति में धन-बल के ताकत की पुष्टि की. कांग्रेस के आरवी देवराज ने शुरूआत में गरूदाचार को थोड़ी चुनौती दी थी, लेकिन धीरे-धीरे गरूदाचार के वोटों की संख्या बढ़ती गई और अंत में उन्होंने जीत हासिल कर ली. आपको बता दें कि रोनुर वेंकटसप्पा देवराज कांग्रेस के एक बड़े नेता हैं और 2004 से 2008 तक विधायक रह चुके हैं. वह कर्नाटक राज्य परिवहन के चेयरमैन भी रह चुके हैं और राज्य कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं. 2014 के आम चुनावों में वह चिकपेट लोकसभा चुनाव से ही सांसद का चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. 

Chickpet constituency Election Results 2018 in Hindi Live Updates:

अंतिम नतीजे आ चुके हैं. रूझानों के मुताबिक ही बीजेपी उम्मीदवार गरूदाचार ने कांग्रे के आरवी देवराज को 7934 वोटों से हराया. राज्य की तरह इस विधानसभा का मुकाबला भी बीजेपी के लिए कतई भी आसान नहीं रहा और कांग्रेसी उम्मीदवार देवराज ने गरूदाचार को कड़ी टक्कर दी. एक समय गरूदाचार और देवराज के बीच सिर्फ 300 वोटों का अंतर रह गया था. लेकिन बाद में वापसी करते हुए गरूदाचार ने अपनी बढ़त को 15000 से भी अधिक कर लिया. अंत में उन्हें 7934 वोटों से जीत मिली.

बीजेपी उम्मीदवार गरूदाचार और कांग्रेस के आरवी देवराज के बीच वोट का अंतर 15000 से भी अधिक हो गया है. दोनों उम्मीद्वारों के बीच शुरूआत में कड़ी टक्कर देखने को मिली थी. एक समय गरूदाचार और देवराज के बीच सिर्फ 300 वोटों का अंतर रह गया था. लेकिन अब बीजेपी उम्मीदवार ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए 15000 वोटों की लगभग अजेय बढ़त ले ली है. गरूदाचार को 46117 वोट तो कांग्रेस के आरवी देवराज को 31602 वोट मिले हैं. बीजेपी इस सीट पर अब आसन जीत की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही है.

बीजेपी के अरबपति उम्मीदवार गरूदाचार और कांग्रेस के आरवी देवराज के बीच वोट का अंतर फिर से बढ़ गया है. दोनों दावेदारों के बीच शुरूआत में कड़ी टक्कर देखने को मिली थी. एक समय गरूदाचार और देवराज के बीच सिर्फ 300 वोटों का अंतर रह गया था. लेकिन अब बीजेपी उम्मीदवार ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और लगभग 12000 वोटों से आगे हो गए हैं. गरूदाचार के पास 38668 वोट तो कांग्रेस के आरवी देवराज के पास 26144 वोट हैं. बीजेपी इस सीट पर जीतती हुई दिख रही है.

बीजेपी के अरबपति उम्मीदवार गरूदाचार और कांग्रेस के आरवी देवराज के बीच वोट का अंतर कम होता जा रहा है. दोनों दावेदारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. शुरू में 3000 वोट से आगे चल रहे गरूदाचार अब देवराज से सिर्फ 300 सीटों से आगे हैं. इस तरह इस सीट पर मुकाबला कड़ा होता जा रहा है. अब देखना है इस कड़े मुकाबले में बाजी कौन मारता है.

बीजेपी के उदय गुरुदाचार, आरवी देवराज से आगे हो गए हैं. राज्य के रूझानों की तरह ही बीजेपी ने यहां भी कांग्रेस पर बढ़त बना ली है. इससे पहले शुरूआती रूझानों में कांग्रेस के आरवी देवराज आगे चल रहे थे. लेकिन राज्य के दूसरे सबसे अमीर और अरबपति उम्मीदवार उदय गरूदाचार ने अब बढ़त बना ली है. आगे देखना ये है कि कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों के बीच आगे-पीछे का ये खेल चलता रहता है या बीजेपी इस सीट पर भी अपनी बढ़त बरकररार रखती है. फिलहाल वह लगभग 3000 वोटो से आगे चल रहे हैं.

ताजा रूझानों के अनुसार चिकपेट विधानसभा से काग्रेस के उम्मीदवार आरवी देवराज आगे चल रहे हैं. वह अभी इसी सीट से विधायक हैं और फिलहाल आगे चल रहे हैं. हालांकि ये अभी बैलेट पेपर के रूझान हैं. लेकिन रूझानों से लग रहा है कि वह शायद राज्य के दूसरे सबसे अमीर उम्मीदवार से चुनाव जीत जाए. अगर ऐसा होता है तो ये धन-बल के चुनावी जुमले को एक झटका लगेगा.

काउंटिंग की शुरूआत हो चुकी है. राजधानी बेंगलुरू में स्थित होने के कारण यह सीट बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस सीट पर अभी बीजेपी विधायक उदय गरुदाचार का कब्जा है. वह सबसे अमीर विधायकों में से एक हैं. बेंगलुरू शहर में होने के कारण भाजपा का पलड़ा यहां भारी रहने की उम्मीद है.

 

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