लखनऊः उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने पेपर लीक की समस्या से निपटने का एक कारगर उपाय ढूंढ निकाला है. UPSSSC अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि वह पेपर लीक होने से बचाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के कम से कम दो प्रश्न पत्र तैयार करेंगे. आयोग ने 2 सितंबर (रविवार) को आयोजित होने वाले ट्यूबवेल ऑपरेटर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद इस तरीके पर अमल करने की बात कही. इस मामले में संलिप्तता पाए जाने के आधार पर अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

यूपीएसएसएससी के चेयरमैन सी.बी. पालीवाल ने कहा, “हम प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों के कम से कम दो सेट तैयार की योजना बना रहे हैं ताकि किसी पेपर के लीक होने पर दूसरे सेट को परीक्षकों को दिया जा सके. इससे परीक्षार्थियों का नुकसान नहीं होगा और उसी दिन परीक्षा संभव हो सकेगी. इसी के साथ आयोग भविष्य की परीक्षाओं के लिए दो सेट- स्क्रीनिंग और मेन्स की भी शुरूआत करने की तैयारी कर रहा है. राज्य सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जाएगा. सी.बी. पालीवाल ने दावे से कहा कि इस तरह से पेपर लीक की समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है.

बताते चलें कि पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) ने शनिवार को मेरठ से 11 लोगों को गिरफ्तार किया था. एसटीएफ ने इनके पास से तीन हस्तलिखित आंसरशीट, पांच एडमिट कार्ड, 13 फोन और 14.8 लाख रुपये बरामद किए. जिन 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें 5 परीक्षार्थी भी शामिल हैं. पूछताछ में एक आरोपी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सचिन चौधरी ने बताया कि वह लोग प्रत्येक उम्मीदवार से 6 से 7 लाख रुपये लेते थे. शनिवार शाम को उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को आंसरशीट देने के लिए रेलवे स्टेशन पर बुलाया था. बरामद आंसरशीट्स को यूपीएसएसएससी के अध्यक्ष को भेज दिया गया है. पेपर लीक होने के बाद शनिवार रात परीक्षा रद्द कर दी गई थी. एसटीएफ अधिकारी ने इस बारे में कहा कि पेपर लीक कहां से और किसने किया, इसके बारे में पता लगाने के लिए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

DRDO ADA Recruitment 2018: डीआरडीओ में वैज्ञानिक और इंजीनियरों की भर्ती, यहां करें आवेदन @rac.gov.in

 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App