प्रयागराज. उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) में आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल हुई. हाई कोर्ट ने विनय कुमार और अन्य की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए योगी सरकार से टीईटी 2019 में ईडब्लूएस कैटगरी को आरक्षण का लाभ नहीं देने पर जानकारी मांगी है. हाई कोर्ट 14 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई करेगा.

याचिका में कहा गया है कि संविधान में संशोधन कर आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है. इसके लिए सरकार ने कानून भी बना दिया है. शिक्षकों की पात्रता के लिए होने वाली यूपीटीईटी परीक्षा में ईडब्लूएस यानी आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है. इसको लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कार्यवाही की मांग की गई है.

याचिका में कहा गया है कि कानून प्रभाव में आने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से जारी टीईटी 2019 के विज्ञापन में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण नहीं दिया गया है. जबकि अन्य आरक्षित वर्ग जैसे एससी, एसटी और ओबीसी को मिनिमम मार्क्स में 5 प्रतिशत की छूट दी गई है.

गौरतलब है कि यूपीटीईटी परीक्षा 22 दिसंबर 2019 को आयोजित की जाएगी. यूपीटीईटी 2019 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू है. रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 20 नवंबर 2019 है.

यूपीटीईटी एग्जाम पैटर्न भी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किया है. जिन अभ्यर्थियों ने यूपीटीईटी के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है या फिर कराने जा रहे हैं, वे https://updeled.gov.in/  पर जाकर एग्जाम पैटर्न और सिलेबस चेक कर सकते हैं और उस हिसाब से परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं. 

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