नई दिल्ली. केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार भारत में एक राष्ट्र, एक वेतन दिवस सिस्टम लागू करने की योजना बना रही है. संगठित सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए देशभर में लोगों को वेतन का भुगतान करने के लिए महीने का एक दिन फिक्स किया जाएगा. सभी लोगों को एक ही दिन सैलेरी मिलनी चाहिए. हर महीने में एक दिन फिक्स होना चाहिए, ताकि लोगों को समय से अपना मेहनताना मिल सके. जल्द ही मोदी सरकार इस पर विधेयक ला सकती है.

संतोष गंगवार ने यह बात शुक्रवार को सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री की लीडरशिप समिट को संबोधित करते वक्त कही. संतोष गंगवार ने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न क्षेत्रों में समान न्यूनतम वेतन को भी लागू करने पर विचार कर रही है.

आपको बता दें कि वर्तमान में सरकारी, सहकारी और निजी क्षेत्रों के सभी उपक्रम, कंपनी और फैक्टरियों में अभी हर महीने वेतन का भुगतान करने की तारीख अलग-अलग है. निजी कंपनियां अपनी सुविधानुसार हर महीने कर्मचारियों को सैलेरी देती है, यानी कि लोगों को वेतन मिलने की तारीख तय नहीं है. इस चक्कर में कई बार लोगों को देरी से वेतन का भुगतान होता है.

इस चीज को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक राष्ट्र एक वेतन दिवस को लागू करने पर विचार कर रही है. इसके लिए संसद में कानून पारित करना होगा. हालांकि गंगवार ने यह नहीं बताया कि केंद्र सरकार एक राष्ट्र एक वेतन दिवस और सभी क्षेत्रों में समान न्यूनतम वेतन लागू करने के लिए कब काम करेगी.

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