नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जेएनयू में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ पिछले दो हफ्ते से हो रहा छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया है. सोमवार को दीक्षांत समारोह आयोजन स्थल के बाहर हजारों छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की. दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू और मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी आए, मगर प्रदर्शन के चलते बाहर नहीं निकल पाए. जेएनयू छात्र संघ की ओर से हो रहे प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए. पुलिस और प्रदर्शनकर्ता छात्रों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प भी हुई. पुलिस ने छात्र-छात्राओं को घसीट कर खदेड़ा.

सोमवार दोपहर बाद जेएनयू कैंपस में हो रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद रहे. पुलिस ने जेएनयू कुलपति एम जगदीश कुमार और छात्रसंघ के बीच सुलह करवाने के प्रयास कर रही है. मगर छात्र-छात्राएं काफी उग्र हो गए हैं. पूरा जेएनयू कैंपस छावनी में तब्दील हो गया है. आइए जानते हैं कि हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ देश के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक जेएनयू के छात्र उग्र प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं और क्या है पूरा मामला-

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी देश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी मानी जाती है. यहां से देशभर के गरीब और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से छात्र-छात्राएं आकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई करते हैं. सबसे खास बात यह है कि जेएनयू में स्टूडेंट्स को बहुत कम फीस में शिक्षा, रहने के लिए हॉस्टल और खाना आदि दिया जाता है.

हाल ही में जेएनयू में हॉस्टल और मेस की फीस में 3000 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है. हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ छात्र पिछले 28 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे हैं.

जेएनयू में कुल 18 हॉस्टल हैं, जिनमें करीब 5500 छात्र-छात्राएं रहते हैं. नए नियमों के मुताबिक जेएनयू हॉस्टल में कमरे का किराया 3000 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है. हालांकि क्रॉकरी, न्यूजपेपर एवं अन्य सेवाओं के चार्जेस नहीं बढ़ाए गए हैं.

जेएनयू हॉस्टल में एक सीटर कमरे का किराया 20 रुपये था जिसे बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है. वहीं डबल सीटर कमरे का किराया 10 रुपये था जिसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है.

इसके अलावा जेएनयू हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स से पहले बिजली पानी आदि का शुल्क नहीं लिया जाता था. मगर नए नियमों के मुताबिक स्टूडेंट्स को अब यूटिलिटी चार्जेस भी देने होंगे. हालांकि यह शुल्क उपयोग के आधार पर होगा. यानी स्टूडेंट्स जितना बिजली और पानी खर्च करेंगे, उन्हें उतना ही भुगतान करना पड़ेगा.

हॉस्टल मेस में पहले छात्रों को एक बार में 5500 रुपये का शुल्क भुगतान करना पड़ता था. इसे भी दोगुना कर दिया गया है. अब स्टूडेंट्स को खाने के लिए 12,000 रुपये का राशि देनी होगी. इसके अलावा जेएनयू हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स को हर महीने 1700 रुपये का सर्विस चार्ज भी देना होगा.

जेएनयू में 19 साल से नहीं बढ़ी थी हॉस्टल फीस

दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जेएनयू हॉस्टल फीस में पिछले 19 सालों के कोई बदलाव नहीं किया गया था. हालांकि छात्रसंघ का कहना है कि जेएनयू देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जहां देशभर के गरीब, आदिवासी और पिछड़े इलाके के लोग आकर बहुत कम पैसों में पढ़ाई करते हैं और विश्विद्यालय प्रशासन उनका हक छीनने में लगा हुआ है.

मानव संसाधन विकास मंत्री ने की स्टूडेंट्स से बात-

जेएनयू दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को जेएनयू हॉस्टल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स से बात की. उन्होंने आश्वासन दिलाया कि स्टूडेंट्स की मांगों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही कोई हल निकाला जाएगा. 

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