नई दिल्ली : दसवीं कक्षा के सभी छात्रों के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने नया नियम जारी किया है. जो दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए काफी अहम माना जा रहा है. दरअसल, CBSE के नए नियमों के तहत अब दसवीं में कोई फेल नहीं होगा. यानी अब से दसवीं के सभी छात्रों को पास कर दिया जाएगा और छात्र-छात्राओं का साल बर्बाद होने से बच जाएगा. बताया जा रहा है कि अगर किसी छात्र-छात्राओं के मैथ्स में कम नंबर आए हैं या फिर साइंस में कम नंबर आए हैं तो सिर्फ इस आधार पर फेल नहीं होंगे. बल्कि उनकी स्किल के हिसाब से उन्हें पास किया जाएगा.

बता दें कि स्किल इंडिया के मकसद को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई बोर्ड ने यह नियम बनाया है. कई ऐसे विद्यार्थी होते हैं जो आम तौर पर मैथ्स या साइंस जैसे विषयों में फेल हो जाते हैं लेकिन वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्युटर या और किसी स्किल में अच्छे हैं. ऐसे में सिर्फ एक या दो विषय में अच्छे नहीं होने पर उन्हें फेल नहीं किया जाएगा.

इस बारे में मुंबई टीचर सेल अध्यक्ष राजू बंडगर का कहना है कि, “सीबीएसई का नया नियम इस मायने में अच्छा है कि अगर किसी को साहित्य में रुचि है और आगे वो अपना करियर इसी में बनाना चाहता है तो ऐसे स्टूडेंट्स का साल इसलिए क्यों खराब हो कि वो मैथ्स में पास नहीं कर सका या साइंस में उसके थोड़े से नंबर कम रह गए.”

वहीं सीबीएसई के इस नए नियम की आलोचना भी की जा रही है. एजुकेशन एक्सपर्ट हेरांब कुलकर्णी का कहना है कि, “यह अच्छी बात है कि किसी को फेल नहीं किया जाएगा. क्योंकि फेल होने के डर से ड्रॉप आउट रेट यानी स्कूल नहीं आने वालों विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती है. लेकिन यह ठीक नहीं है कि उन्हें विषय की जानकारी नहीं होने पर भी पास कर दिया जाए. इसकी बजाय ऐसे बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनकी कमियों को पूरा किया जाना चाहिए. तब पास करना चाहिए.”

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