CBSE Board Exam 2022

नई दिल्ली. CBSE Board Exam 2022 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की एक मार्क्स पॉलिसी को ख़ारिज किया है. इस पॉलिसी में यह कहा गया था कि सुधार परीक्षा के अंक ही आखिरी नंबर के रूप में माने जाएंगे और उसी के हिसाब से छात्रों का रिजल्ट तैयार किया जाएगा।

सीबीएसई की मार्क्स पॉलिसी से छात्रों को नुकसान

कोर्ट के यह फैसला बोर्ड के छात्रों पर लागू होगा। छात्र अब अपने हिसाब से जिस भी पेपर में उनके अच्छे मार्क्स आए होंगे, उसे ही आखिरी विकल्प के तौर पर चुन पाएंगे। बता दें बोर्ड की ओर से हर पेपर के लिए एक सुधार परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें छात्रों के पास मुख्य परीक्षा में की गई गालतियो को सुधार करने का अवसर होता है. सीबीएसई की मार्क्स पॉलिसी के अनुसार, छात्र सुधार परीक्षा में जितने भी अंक दर्ज करते है, उसे ही फाइनल माने जाने का प्रवधान था। इस पॉलिसी से उन छात्रों को नुकसान है, जिन छात्रों के मुख्य परीक्षा में सुधार परीक्षा से अच्छे नंबर आएंगे.

सीबीएसई से नहीं दिया कोई वैध तर्क

सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया कि स्टूडेंट्स अपने ओर्जिनल मार्क्स को बरकरार रखें चाहते है, जो उन्हें मुख्य परीक्षा में मिले है. यदि किसी भी स्टूडेंट के सुधार परीक्षा में कम अंक आते है उससे छात्र के एडमिशन पर असर पड़ेगा और उन्हें भविष्य में दिक्कत आएगी। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि सीबीएसई की ओर से इस विषय में कोई भी तर्क नहीं दिए है, इसलिए कोर्ट ने इस पॉलिसी को ख़ारिज करते हुए छात्रों को दोनों परीक्षाओ में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया है.

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