नई दिल्लीः 7th pay commission 7th CPC: 7वें वेतन आयोग और उससे संबंधित मामलों पर कुछ खबरें ऐसी आई है जों केंद्रीय कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है. नई खबर के मुताबिक राष्ट्रीय पेंशन योजना में केंद्र के योगदान पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले से सीजी कर्मचारियों को कुछ राहत मिल सकती है. लिए गए निर्णय के मुताबिक राष्ट्रीय पेंशन योजना में केंद्र का योगदान अब 10 प्रतिशत के बजाय 14 प्रतिशत होगा. इससे 18 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा. इसके अलावा वापसी का 60 प्रतिशत कर से छूट दी जाएगी.

क्या है योजनाः
एनपीएस एक सरकारी प्रायोजित योजना है जिसे सरकारी कर्मचारियों के लिए जनवरी 2004 में लॉन्च किया गया था. जिसके बाद इसे 2009 में सभी वर्गों के लिए खोला गया था. सातवें वेतन आयोग ने सचिवों की एक समिति की स्थापना के लिए सिफारिश की थी जिसके बाद समिति गठित की गई और उसने 2018 में अपनी रिपोर्ट जमा की थी. कैबिनेट ने इस फैसले को मंजूरी देने के मसौदे के आधार पर किया था.

कैसे होता है केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ:
योजना के मुताबिक एनपीएस टीयर -1 के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए सरकारी योगदान 10 से 14 प्रतिशत तक बढ़ गया है. जिसमें पेंशन फंडों के चयन के लिए व्यक्तियों के पास अब चुनाव की स्वतंत्रता होगी. नियमों के मुताबिक कुल संचित कोर का 40 प्रतिशत सेवानिवृत्ति पर वार्षिकी खरीदने या 60 वर्ष की आयु तक पहुंचने के लिए पहले ही टैक्स छूट दी गई थी. इसके अलावा सेवानिवृत्ति के समय एनपीएस ग्राहक द्वारा निकाले गए एकत्रित कॉर्पस में से 60% में से 40% कर छूट भी थी.

कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के बारे में क्या योजनाः
2019 से शुरू होने पर सरकार कर्मचारियों की पदोन्नति और वेतन वृद्धि का फैसला करने के लिए एक नई विधि स्थापित करेगी. जिसमें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर, सीजी कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर वेतन वृद्धि मिलेगी. इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात है कि जनता के लिए ऑनलाइन कर्मचारी को रेट करने का विकल्प भी दिया जाएगा. जिसका ध्यान प्रचार और वृद्धि पर निर्णय लेने के समय किया जाएगा.

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