लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्य कर्मचारी 7th Pay Commission की सिफारिशों के अंतर्गत बेसिक पे न्‍यूनतम 18000 से बढ़ाकर 26000 रुपये करने की मांग को लेकर यूपी के तमाम जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके साथ ही राज्य कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली करने को लेकर भी उठा रहे हैं. खबर आ रही है कि प्रदेशभर में उठ रहे कर्मचारियों के विरोध के स्वर को देखते हुए राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों के साथ आपात बैठक की. बैठक के बाद बताया गया कि शासन कर्मचारियों की मांग मानने को तैयार हो गई है.

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि वह उत्‍तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL)की पेंशन व्‍यवस्‍था का अध्‍ययन कर रही है. शासन की तरफ से कहा गया कि यदि यह व्यवस्था कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारियों के हित में होगी तो इस पर विचार किया जा सकता है. UPPCL में फिलहाल CPS (कांट्रिब्‍यूटरी पेंशन स्‍कीम) लागू है. कांट्रिब्‍यूटरी पेंशन स्‍कीम में एश्योर्ड रिटर्न का प्रावधान है. राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद के अध्‍यक्ष व पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोज‍क हरिकिशोर तिवारी ने कहा था कि राज्य सरकार द्वारा इस मामले पर विचार के लिए गठित की गई कमिटी हमारी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है.

पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोज‍क हरिकिशोर तिवारी ने बैठक के बाद बताया कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए बनी समिति जो सिफारिश करेगी उसके आधार पर ही आगे आंदोलन जारी रखने या वापस लेने की रणनीति तय होगी. पुरानी पेंशन बहाली मंच 26 नवंबर को देशभर में प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहा है. इससे पहले ही राज्य सरकार ने बैठक बुलाई थी. इससे पहले ऑल टीचर व इम्‍प्‍लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा था कि सरकार पुरानी पेंशन के मुद्दे पर हमें नजरअंदाज नहीं कर सकती. उन्होंने 26 नवंबर को संसद तक मार्च करने की बात कही थी. 

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