नई दिल्ली. 7th Pay Commission: केंद्र सरकार ने अब सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है, अब कार्मिक मंत्रालय ने कर्मचारियों द्वारा शेयरों और म्यूचुअल फंड में निवेश के प्रकटीकरण की मौद्रिक सीमा को 5 गुना बढ़ा दिया है. मंत्रालय ने यह फैसला 1992 नियम के अनुसार लिया है, कर्मचारियों को मोदी सरकार के बजट में कुछ नहीं मिला था और उन्हें निराश होना पड़ा था. हालांकि अब केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की मौद्रिक सीमा को बढ़ाकर उन्हें खुशखबरी दी है. ग्रुप ए और ग्रुप बी के लिए मौद्रिक सीमा की लिमिट 50 हजार रुपये है और ग्रुप सी और डी के लिए सीमा 25 हजार रुपये की है.

शुक्रवार एक फरवरी 2019 को पेश हुए आम बजट में सराकारी कर्मचारियों के लिए मोदी सरकार ने कुछ भी घोषणा नहीं की थी. इस बजट में सरकारी कर्मचारियों की पेंशन में भी वृद्धि हुई थी लेकिन सरकारी कर्मचारी जिन मांगों के लेकर सरकार से नाराज थे वह इस बजट में पूरी नहीं हो सकीं. सरकारी कर्मचारी पिछले महीनों से लगातार अपने न्यूनतम वेतन को बढ़ाने के लिए सरकार से मांग कर रहे हैं लेकिन सरकरा ने उनके मंहगाई भत्ते को बढ़ाने का विचार किया है पर न्यूनतम वेतन के बार में नहीं सोचा है. अब देखना यह होगा कि सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों को कितना लाभ मिलेगा.

सरकारी कर्मचारियों की मांग की बात करें तो इस समय कर्माचारियों को 2.57 फिटमेंट फैक्टर के साथ न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये मिल रहा है. हालांकि कर्मचारियों की यह मागं है कि उनका फिटमेंट फैक्टर बढ़ाया जाए और इसके बाद उनके न्यूनतम वेतन को 26,000 रुपये तक बढ़ाया जाए. वहीं सरकार ने पहले ही कह दिया था कि कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को बढ़ाने से राजरकोष पर प्रभाव पड़ेगा.

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