7th Pay Commission: सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) द्वारा वेतन और पेंशन से संबंधित सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गई है, जबकि भत्तों से संबंधित सिफारिशें 1 जुलाई 2017 से लागू हुई है. शायद ही यह बात जानते होने की केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के कर्मचारियों पर सातवीं सीपीसी लागू नहीं होती है. इसी के अंतर्गत आने वाले भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) में भी केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं की गई है.

केंद्र सरकार के मुताबिक 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए मान्य हैं और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) सहित अन्य सीपीएसई के कर्मचारियों पर ये लागू नहीं होती है. केन्द्रीय सरकारी लोक उद्यमों (सीपीएसईज़) के कर्मचारियों को औद्योगिक कर्मचारियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है और यह वेतनमानों की औद्योगिक मंहगाई भत्ता (आईडीए) प्रणाली द्वारा अधिशासित होते है. वर्ष 1981 से केन्द्रीय सरकारी उद्यमों में सभी नियुक्तियां आईडीए वेतनमानों के अंतर्गत हुई है.

केन्द्रीय वेतन आयोग (सीपीसी), केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों पर लागू होता है जो वेतनमानों के केन्द्रीय मंहगाई भत्ता (सीडीए) वेतनमानों द्वारा अधिशासित होते हैं. इसलिए सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग सहित केन्द्रीय वेतन आयोगों की सिफारिशें, केन्द्रीय सरकारी लोक उद्यमों पर लागू नहीं होती. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआईएल) में भी आईडीए के तहत वेतनमान मिलता है.

इसलिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें उनके कर्मचारियों पर लागू नहीं होती. तथापि, कुछ केंद्रीय सरकारी लोक उद्यमों के कर्मचारियों के लिए जो अभी तक सीडीए वेतनमानों के अंतर्गत है, लोक उद्यम विभाग वित्तीय बहनीयता या संबंधित केंद्रीय सरकारी लोक उद्यम की भुगतान क्षमता के मूल सिद्धांत की शर्त के आधार पर केंद्रीय वेतन आयोग संबंधी व्यय विभाग की अधिसूचनाओं का समर्थन करता है.

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