7th Pay Commission: नरेंद्र मोदी सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत दिव्यांग केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. मोदी सरकार ने विकलांग व्यक्तियों के अधिकार एक्ट 2016 पर स्पष्टीकरण दिया है. सरकार ने कहा है कि जो दिव्यांग सरकारी कर्मी अपनी मुश्किलों के चलते स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगते हैं, वे उन्हीं वेतनमान और लाभों के साथ सेवा में बने रह सकते हैं.

सोमवार को कार्मिक मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर स्पष्टीकरण पेश किया है. ऑर्डर ममें दिव्यांगों को एक्ट के तहत मिलने वाले अलग-अलग प्रोटेक्शन का उल्लेख है. सरकार ने साफ किया है कि दिव्यांगों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार्य नहीं माना जा सकता. विकलंगा व्यक्तियों के अधिकार एक्ट 2016 की धारा 20 के प्रावधानों के हवाला देते हुए यह कहा गया है कि सरकार संस्थानों को विकलांग कर्मचचारियों को उचित और अनुकूल वातावरण मुहै्या कराना होगा.

सरकार के आदेश के अनुसार दिव्यांगता के आधार पर किसी भी कर्मचारी का प्रमोशन नहीं रोका जाएगा. रोजगार से जुड़े मामलों में ऐसे कर्मचारियों से किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता है. मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया है जब दिव्यांगता की वजह से हो रही कठिनाइयों के आधार पर कर्मचारी वीआरएस के लिए आवेदन कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के बारे में भी जानकारी का आभाव बताया जा रहा है.

इससे पहले सरकार ने शुक्रवार को कर्मचारियों के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट इम्पलॉई ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम को बेनिफिट टेबल जारी कर दी. सेवानिवृत्ति तक, केंद्र सरकार का एक कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारी समूह बीमा योजना में योगदान देता रहताा है. CGEGIS 1980 योजना बीमा कवरेज के साथ आती है और कर्मचारी के लिए बचत कोष के रूप में भी काम करती है.

NEET Exam 2020 Guidelines: कंटेनमेंट जोन के बाहर बने एग्जाम सेंटर में होगी नीट 2020 परीक्षा, @ntaneet.nic.in

CBSE Compartment Exam 2020: CBSE कक्षा 10वीं और 12वीं कंपार्टमेंट एग्जाम 2020 पर 14 सितंबर तक टली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, @cbse.nic.in