न्यूयॉर्क : आपके बॉस भले आपको बुखार या फ्लू होने पर भी एक दिन तक की छुट्टी देने में नाक-भौं सिकोड़ते हों लेकिन दुनिया की दो बड़ी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को परिवार में किसी की मौत होने पर सदमे से उबरने के लिए 20 दिन तक की पेड छुट्टी देना शुरू कर दिया है.
 
इसकी शुरुआत इसी साल फरवरी में हमारी-आपकी चहेती सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने की थी जब उसने ऐलान किया था कि फेसबुक में काम करने वाले लोगों को परिवार में किसी की मौत पर उस दुख और सदमे से उबरने के लिए 20 दिन तक की पेड छुट्टी मिलेगी. अब मास्टरकार्ड ने भी ऐसी ही पेड छुट्टियों का ऐलान किया है.
 
दुनिया की बड़ी कंपनियों में शुमार मास्टरकार्ड ने अपने कर्मचारियों के लिए पत्नी, पार्टनर या बच्चे के निधन की हालत में 20 दिन की पेड छुट्टी देने का ऐलान किया है जो समय उसके कर्मचारी अपने परिवार के साथ बिता सकते हैं ताकि वो उस दुख से उबरकर काम पर अच्छे से लौट सकें.
 
 
फेसबुक से शुरू हुई इस पॉलिसी पर अमल करने वाली मास्टरकार्ड कंपनी के सीईओ अजयपाल सिंह बंगा भारतीय नागरिक हैं और उन्हें नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा था.
 
 
पुणे में जन्मे बंगा ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस से बीए और आईआईएम, अहमदाबाद से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. मास्टरकार्ड में 11 हजार से ज्यादा जबकि फेसबुक में करीब 19 हजार लोग काम करते हैं.
 
फेसबुक की COO शेरिल सैंडरबर्ग ने पिछले साल अपने पति को खो दिया था
 
फेसबुक अपने कर्मचारियों को परिवार (Immediate Family) में निधन पर 20 दिन, रिश्तेदारों (Extended Family) के निधन पर 10 दिन तक की पेड छुट्टी देती है.
 
फेसबुक की सीओओ शेरिल सैंडरबर्ग ने पिछले साल अपने पति डवे गोल्डबर्ग को खो दिया था. उसके बाद उन्हें अपने दो बच्चों के साथ-साथ खुद को भी संभालना पड़ा था.
 
 
 
सैंडरबर्ग ने मास्टरकार्ड के ऐलान के बाद फेसबुक पर है कि मास्टरकार्ड ने अपने कर्मचारियों को मजबूती के साथ कह दिया है कि आपके दुख की घड़ी में हम पूरी तरह आपके साथ हैं. उन्होंने उम्मीद जताई है कि दूसरी कंपनियां भी ऐसा करेंगी. 
 
उन्होंने लिखा है कि कर्मचारी किसी भी कंपनी के सबसे बड़े असेट होते हैं और आप तब तक सफल नहीं हो सकते जब तक आप अपने कर्मचारियों के लिए कमिटेड ना हों.
 
सैंडरबर्ग का कहना है अगर कोई कंपनी कर्मचारी के लिए कमिटेड है तो कर्मचारी भी कंपनी के लिए कमिटेड होता है. उन्होंने कहा कि किसी को भी ऐसे धर्मसंकट में नहीं डालना चाहिए कि वो अच्छा कर्मचारी है या अच्छा फैमिली वाला.