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Jharkhand Student Protests: झारखंड में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, जमकर हंगामा, सीएम हेमंत सोरेन के पुतला दहन को लेकर मारपीट

Jharkhand Student Protests News: गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच जमकर विवाद हो गया. इस दौरान हुई मारपीट में दो छात्र नेताओं के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है. दोनों का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है. छात्र झंडा मैदान में जुटे थे. वे पुतला लेकर टावर चौक की ओर निकलने की तैयारी में थे.

By: Hasnain Alam | Published: August 21, 2026 8:49:21 PM IST



Jharkhand Student Protests News: झारखंड में JPSC-JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में गुरुवार को रांची में छात्रों की ओर से ऐलान किया गया था कि शुक्रवार को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा. ऐसे में शुक्रवार को JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच का प्रदर्शन हुआ, जिसमें जमकर हंगामा हुआ. वहीं पुतला दहन के दौरान मारपीट भी हो गई.

इसी तरह गिरिडीह के झंडा मैदान में छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच जमकर विवाद हो गया. इस दौरान हुई मारपीट में दो छात्र नेताओं के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है. दोनों का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है. छात्र झंडा मैदान में जुटे थे. वे पुतला लेकर टावर चौक की ओर निकलने की तैयारी में थे.

JMM कार्यकर्ता ने पुतला दहन करने से रोका

इसी बीच झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित कई JMM कार्यकर्ता झंडा मैदान पहुंचे और छात्रों को पुतला दहन करने से रोकने लगे. इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस और नोकझोंक शुरू हो गई. देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया.

छात्र नेताओं का आरोप है कि JMM कार्यकर्ताओं ने झामुमो के झंडे और डंडे का इस्तेमाल करते हुए उनके साथ मारपीट की. आरोप है कि छात्र नेताओं को झंडा मैदान में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया. इस दौरान दो छात्र नेता गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

छात्रों ने आवाज दबाने की कोशिश का लगाया आरोप

घटना के बाद झंडा मैदान में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. छात्रों में घटना को लेकर आक्रोश देखा गया. छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे छात्रों के साथ मारपीट कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई.

वहीं, घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. छात्र नेताओं ने कहा कि JPSC-JSSC CGL मामले में कथित गड़बड़ी के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी.

हजारीबाग में छात्रों का हल्ला बोल

दूसरी तरफ हजारीबाग के गांधी मैदान में बड़ी संख्या में छात्र जुटे. छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की कोशिश की. मौके पर हजारीबाग पुलिस पहले से तैनात थी. पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से पुतला दहन नहीं करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की. हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और लगातार आगे बढ़ते रहे.

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया. पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया. इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

छात्रों का आरोप है कि सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के नाम पर बड़ी संख्या में परीक्षाएं और नियुक्तियां रद्द कर दीं, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य भी इससे प्रभावित हुआ. आंदोलनकारी छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

गढ़वा में लगे ‘हेमंत सरकार मुर्दाबाद’ के नारे

वहीं गढ़वा में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले करीब 50 छात्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे. छात्र सरकार के खिलाफ पुतला दहन करने की तैयारी में थे, लेकिन प्रशासन ने मौके पर ही उन्हें रोक दिया.

गढ़वा शहर के टाउन हॉल मैदान से छात्र प्रदर्शन और पुतला दहन के लिए निकल रहे थे. इसी दौरान मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट ने छात्रों को रोकते हुए पुतला दहन की अनुमति नहीं दी. इसके बाद छात्रों ने मौके पर ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी. प्रदर्शनकारियों ने ‘हेमंत सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाए.

प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद एक JMM नेता ने सरकार के खिलाफ लगाए जा रहे नारों पर आपत्ति जताई. इसको लेकर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया.

मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से पुतला दहन नहीं करने और किसी तरह का विवाद नहीं करने की अपील की. प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया. छात्रों ने कुछ देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में वापस लौट गए.

JPSC-JSSC विवाद ने नया मोड़ लिया

बता दें कि हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब JPSC-JSSC विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. एक तरफ चयनित अभ्यर्थियों को सरकार के रद्दीकरण आदेश पर रोक से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे अपने आंदोलन के खिलाफ फैसला बताते हुए संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया है.

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