JPSC-JSSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर झारखंड में छात्र आंदोलन लगातार जारी है. शुक्रवार को छात्रों की ओर से राज्य के कई जिलों में सरकार के विरोध में पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया. कई स्थानों पर JMM कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के बीच विरोध और नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिली.
छात्रों की आवाज दबाने से आंदोलन और तेज हो सकता है- मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के प्रदर्शन को रोकने के लिए कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने को लेकर सरकार और JMM पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने से आंदोलन और तेज हो सकता है.
JPSC-JSSC विवाद के बीच हाईकोर्ट की ओर से सरकार के परीक्षा और नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. एक तरफ चयनित अभ्यर्थी हाईकोर्ट के आदेश को राहत के तौर पर देख रहे हैं, वहीं आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग पर कायम हैं.
सीएम हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का किया गया था आह्वान
बता दें कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से शुक्रवार को राज्य के 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का आह्वान किया गया था. इसी क्रम में रांची से लेकर हजारीबाग तक बड़ी संख्या में छात्र जुटे. छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की कोशिश की. इस जमकर हंगामा हुआ और JMM कार्यकर्ताओं से झड़प भी हुई.