Jharkhand Crime | Jharkhand Mob lynching: महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म के मामले हवा की तरह फैलते ही जा रहे हैं. हैवानियत करने से पहले न तो हैवान की आंखों में शर्म होती न ही हवस पर कोई काबू. ऐसा ही एक मामला झारखंड से सामने आया है. जहां एक रेपिस्ट को उसके घर से घसीटा और -पीटकर हत्या कर दी. जानकारी के मुताबिक मंगलवार को चतरा ज़िले के टंडवा पुलिस स्टेशन इलाके के एक गाँव में ग्रामीणों ने एक युवक को इस बेरहमी से पीटा की उसकी मौत हो गई. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उस पर अनुसूचित जाति की एक नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप का आरोप था.
गांव में छाया घमासान
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस घटना के दौरान युवक के माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई और वो घायल हो गए. गाँव में तनाव पैदा हो गया है क्योंकि नाबालिग लड़की और आरोपी अलग-अलग समुदायों से थे. एहतियात के तौर पर पुलिस गाँव में तैनात है. घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है.
ग्राम पंचायत बडगांव थाना टंडवा जिला चतरा झारखंड में आज दिनांक 04.08.2026
की घटना यहां पर लड़की के अपहरण का आरोप लगाकर एक मुस्लिम युवक मोहम्मद इमरोज अंसारी उम्र 25 वर्ष को ग्रामीण भीड़ के द्वारा मॉब लिंचिंग कर के बड़ी बेरहमी के साथ मार दिया गया।@asadowaisi pic.twitter.com/GSfgmFl8WQ— Saddam (@Saddam93866) August 4, 2026
वायरल हुआ वीडियो
इतना ही नहीं इसके बाद उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. नाबालिग के पिता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपहरण और रेप का मामला दर्ज किया गया है. वहीं, मारे गए युवक के पिता ने अभी तक हत्या के संबंध में कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं दी है. शिकायत मिलने पर FIR दर्ज की जाएगी और दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई शुरू की जाएगी.
मासूम को ऐसे बनाया हवस का शिकार
दरअसल, हुआ कुछ यूं कि नाबालिग सोमवार रात शौच के लिए घर से बाहर निकली थी. इसी दौरान अँधेरी रात में इमरोज़ अंसारी ने उसका अपहरण कर लिया और उसके साथ घिनौना काम किया मंगलवार सुबह नाबालिग आरोपी की चंगुल से भागने में सफल रही, घर लौटी और अपने परिवार को उसके साथ हुई बेरहमी की पूरी जानकारी दी. घटना का पता चलने पर परिवार और ग्रामीण भड़क गए. आरोप है कि उन्होंने इमरोज़ अंसारी को उसके घर से खींचकर बाहर निकाला और बेरहमी से पीटा. उसके माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई और उनके हाथ-पैर रस्सियों से बांध दिए गए. सूचना मिलने पर टंडवा थाने की पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन गुस्साई भीड़ के कारण स्थिति को तुरंत काबू में नहीं लाया जा सका. बाद में, पुलिस युवक को भीड़ से बचाने में सफल रही और उसे इलाज के लिए टंडवा के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले गई. उसकी हालत को देखते हुए उसे हज़ारीबाग़ रेफर किया गया; हालाँकि, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.