Dhanbad Stray Dogs Incident: झारखंड (Jharkhand News) के धनबाद से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने 5 साल के मासूम बच्चे की जान ले ली. बताया जा रहा है कि यह घटना गोनुडीह ओपी क्षेत्र के भोलानाथ बसेरिया स्थित 4 नंबर यादव बस्ती की है. मृत बच्चे की पहचान अंकित यादव के रूप में हुई है, जो कुंदन यादव का बेटा था. मिली जानकारी के मुताबिक, अंकित घर के पास स्थित हनुमान मंदिर के पास खेल रहा था. इसी दौरान अचानक आवारा कुत्तों का झुंड वहां पहुंचा और बच्चे को घेरकर उस पर हमला कर दिया.
कुत्तों ने मासूम को बुरी तरह नोच डाला. उसके शरीर पर कई जगह गंभीर जख्म हो गए. शोर-शराबा सुनकर जब तक स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बच्चा लहूलुहान हालत में पड़ा था. परिजन तुरंत अंकित को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है. बच्चे की हालत देखकर परिजन और स्थानीय लोग सन्न रह गए. इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है? इस घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इलाके में लंबे समय से कुत्तों का आतंक है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.
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माता-पिता का हुआ बुरा हाल
बताया जा रहा है कि मासूम का लहूलुहान शव देख माता-पिता अपना सुध-बुध खो बैठे. बच्चे के पिता बार-बार अपने लाल को जगाने का प्रयास करते हुए दहाड़ मार कर रो रहे थे. जबकि मां बार-बार अपने बेटे का शव देख बेहोश हो जा रही थी. इस घटना ने पूरे इलाके को गमजदा कर दिया. पूरे इलाके में इस घटना के बाद गम और निगम के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है.
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ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार कौन?
आवारा कुत्तों के आतंक की खबरें देश के अलग-अलग राज्यों से सामने आती है. जब किसी परिवार का बच्चा इस तरह से दुनिया छोड़कर चला जाता है तो लोगों के मन में सवाल उठता है कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है? जब किसी परिवार का सदस्य इस दुनिया को छोड़कर जाता है तो उसका दर्द सिर्फ और सिर्फ उस परिवार को होता है. भले गांव समाज के लोग कुछ दिनों तक गमगीन होंगे. लेकिन जीवन भर जो इस दर्द को झेलेगा वो उसका परिवार है. इसलिए देश में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए शासन-प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए.