Dhanbad BCCL Incident: झारखंड (Jharkhand News) के धनबाद जिले में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की मुनिडीह कोल वाशरी में शनिवार शाम को कोयले की स्लरी (गाद) का ढेर गिरने से तीन ठेका मज़दूरों की दुखद मौत हो गई. बताया जा रहा है कि लगातार बारिश की वजह से स्लरी का ढेर अचानक ढह गया, जिसके नीचे कई मज़दूर दब गए. हालांकि, दुर्घटना के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप तीन मज़दूरों के शव बरामद किए गए.
हालांकि, अभी भी यह आशंका बनी हुई है कि कई अन्य लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं. इस वक्त जानकारी सामने आ रही है कि राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है. जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की सहायता से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है. हालांकि, लगातार हो रही बारिश की वजह से राहत अभियान में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मुनिडीह ओपी क्षेत्र के अंतर्गत संचालित कोल वाशरी प्रोजेक्ट में आज यानी शनिवार (2 मई, 2026) को लगभग शाम 5 बजे ट्रकों में स्लरी (कोयला पाउडर मिश्रित गाद) लोड करने का काम चल रहा था. तभी अचानक भारी बारिश की वजह से स्लरी के ढेर का ऊपरी हिस्सा ढह गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. मज़दूरों को बाहर निकालने के चल रहे प्रयासों में अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं. अधिकारियों के अनुसार, स्लरी के नीचे अभी भी और मज़दूर फंसे हो सकते हैं. जिसकी वजह से बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं.
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अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कई दिनों से धनबाद क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश ने कोयले की स्लरी के ढेर को अस्थिर कर दिया था. विशेषज्ञ ऐसी घटनाओं का कारण खनन कार्यों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी को मानते हैं, जो मौसम से जुड़े स्वाभाविक जोखिमों के कारण और भी बढ़ जाती है. BCCL अधिकारियों ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता का आश्वासन दिया है.
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घटनास्थल पर पहुंचे डीएम और एसएसपी
धनबाद के ज़िलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बचाव कार्यों का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है. मज़दूर संघों ने इस त्रासदी पर अपनी संवेदना व्यक्त की है और सुरक्षा उपायों को और अधिक सख्त बनाने की अपनी मांगें तेज़ कर दी हैं. बताया जा रहा है कि वर्तमान में पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, क्योंकि अगली सुबह तक फंसे हुए बाकी मज़दूरों के सुरक्षित बचाए जाने की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं.