नई दिल्ली: जब आप मछली खा रहे होते हैं तो क्या आप को पता होता है कि असल में आप क्या खा रहे हैं? कैमिकल्स, इंसानी मल या फिर प्लास्टिक. हम-आप अपने खाने में प्रोटीन और दूसरे विटामिन के लिए मछली, अंडा, हरी सब्जियां खाते हैं लेकिन एक वीडियो सामने आया है जिसमें ये दावा किया गया है कि इन दिनों बाजार में मिलने वाली मछलियों में एक बड़ा हिस्सा उन मछलियों का है जो प्लास्टिक की हैं. 
 
प्लास्टिक की मछली सुनकर ही हैरानी होती है लेकिन जिस शख्स को मछली खरीदने के बाद ऐसा लगा कि इसे प्लास्टिक की मछली दे दी गई है. उसने ये वीडियो सोशल मीडिया के जरिए दुनिया भर के लोगों से शेयर किया है. इसके साथ कुछ लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि इन प्लास्टिक वाली मछिलियों के पीछे चीन है. 
 
प्लास्टिक का अंडा और गोभी की कहानी तो आपने कई बार देखी-सुनी होगी. मछली खरीदने वाला दावे के साथ कह रहा है कि उसे दी गई मछली प्लास्टिक की है. कई लोग सोशल मीडिया पर ये दावा कर रहे हैं कि ये चीन की करतूत है. ट्विटर हैंडल च्रंदशेखर गलगले का है, उन्होंने क्या लिखा है इस प्लास्टिक की मछली को लेकर कहा है कि इस बंदे ने लंदन की दुकान में मछली ख़रीदी जो प्लास्टिक की बनी है, दुनिया भर में प्लास्टिक के बने खाद्यपदार्थ बेचे जा रहे है.
 
चंद्रशेखर ने ‘इस बंदे’ का इस्तेमाल उस आदमी के लिए किया है जिसे आपने मछली के पिस के साथ रनिंग कमेंट्री करते सुना. अपने इस ट्वीट के साथ चंद्रशेखर ने हैशटैग के साथ #BanChinese भी लिखा है. सवाल ये है कि क्या ये चीन करवा रहा है. इसका जवाब जानें उससे पहले ये जानिए कि प्लास्टिक की मछली खाने से हो सकता है. आप कितने गंभीर संकट में फंस सकते हैं.
 
प्लास्टिक वाली मछलियों को लेकर दो थ्योरी है. पहली थ्योरी ये कहती है कि चीन के कुछ हिस्सों में प्लास्टिक की मछली बनाकर उसे टुकड़ों में काटकर पैकिंग के बाद उसे बाजार में बेच दिया जाता है. दूसरी थ्योरी है कि यूरोप, अमेरिका और भारत के बड़े हिस्से में ज्यादातर मछलियां जिन्हें समुद्र से निकाला जाता है. उनके शरीर में 35% प्लास्टिक पहुंच जाता है.
 
यूरोप में ये 15% है जबकि कुछ दूसरे देशों में ये 35 % तक है. मतलब इंसान के इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक जिसे वो दोबारा फेंक देता है उसे मछलियां खाती हैं और दोबारा इंसान उन मछलियों के जरिए प्लास्टिक को खाता है. 

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