Saturday, June 25, 2022

क्या अब मोदी के मंच पर दिखेंगे बड़े-बड़े मुस्लिम नेता!

नई दिल्ली. कुछ ही वक़्त पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न मुस्लिम समूहों के लगभग 30 प्रतिनिधियों से बातचीत की थी. मोदी ने इन नेताओं से कहा कि वे उनके लिए हमेशा उपलब्ध हैं और वे आधी रात को भी उनका दरवाजा खटखटा सकते हैं. मुस्लिम समाज से जुड़ने और उसमें अपने प्रति नकारात्मक धारणाओं को समाप्त करने की कोशिश में RSS से जुड़े ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ ने शनिवार को रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया.  

इसमें भारत में मौजूद सभी मुस्लिम देशों के राजदूतों को भी बुलाया गया था. पार्टी में शिरकत करने के लिए मोदी सरकार के कई मंत्रियों को न्योता भेजा गया था, हालांकि डॉ. हर्षवर्धन के अलावा किसी ने शिरकत नहीं की. प्रधानमंत्री की इन कोशिशों से स्पष्ट है कि वे मुस्लिम समाज में अपना विश्वास कायम करना चाहते हैं. इंडिया न्यूज़ के स्पेशल शो जन गण मन में आज इसी पर चर्चा की गयी. सवाल यह है कि यह संवाद केवल एक दिखावा था या मुस्लिम समुदाय की समस्याओं को सुलझाने का संजीदा प्रयास. क्या मोदी के शब्दों को गंभीरता से लिया जा सकता है? क्या वे सचमुच देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय की बेहतरी के बारे में चिंतित हैं? क्या वे देश की बहुवादी संस्कृति की रक्षा करना चाहते हैं? मुस्लिम समुदाय में भी कई ऐसे नेता हैं जो पुराने अनुभवों को भुला कर एक नयी शुरुआत, एक नया संवाद शुरू करना चाहते हैं. क्या यह संभव है?

SHARE

Latest news

Related news