Who is Vishakha Rathod | Avinash Rathod | Vishakha Rathod Scam: भारत में 88 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी के मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है. मुख्य आरोपी अविनाश राठौड़ को वापस लाने के ठीक दो हफ्ते बाद, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उसकी पत्नी और मामले की सह-आरोपी विशाखा राठौड़ को भी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस ले आई है.
इंटरपोल की रेड नोटिस का सामना कर रही विशाखा राठौड़ को 3 अगस्त को भारत डिपोर्ट किया गया. सीबीआई, विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के आपसी तालमेल की बदौलत यह संभव हो पाया. भारत पहुंचते ही उसे महाराष्ट्र पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जहां उससे आगे की पूछताछ की जा रही है.
कौन हैं विशाखा राठौड़?
जांच अधिकारियों के मुताबिक, विशाखा राठौड़ 88 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले के मुख्य मास्टरमाइंड अविनाश राठौड़ की पत्नी हैं. उन पर अपने पति और अन्य साथियों के साथ मिलकर एक बड़ी आपराधिक साजिश रचने का आरोप है.
आरोप क्या है?
इन लोगों ने आकर्षक और पक्के मासिक रिटर्न (Fixed Monthly Return) का लालच देकर सैकड़ों मासूम निवेशकों को अलग-अलग स्कीमों में पैसे लगाने के लिए फंसाया. सीबीआई का कहना है कि निवेशकों के पैसों को कहीं इन्वेस्ट करने के बजाय, आरोपियों ने धोखाधड़ी करते हुए रकम को अपने और कई फर्जी बैंक व डीमैट खातों में ट्रांसफर कर लिया.
कैसे हुई विशाखा की भारत वापसी?
- इंटरपोल रेड नोटिस: सीबीआई की गुजारिश पर विशाखा के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी किया गया था.
- यूएई में लोकेशन ट्रेस: इसी नोटिस के आधार पर सीबीआई ने यूएई (UAE) में उसकी लोकेशन का पता लगाया.
- राजनयिक तालमेल: गृह और विदेश मंत्रालय की मदद से कानूनी और कूटनीतिक कागजी कार्रवाई पूरी की गई.
- हिरासत और ट्रांसफर: डिपोर्टेशन के बाद विशाखा को पुणे लाया गया, जहां उसे मामले की जांच कर रही महाराष्ट्र पुलिस के हवाले कर दिया गया.
क्या है 88 करोड़ का यह पूरा मामला?
यह पूरा खेल लोगों को रातों-रात अमीर बनने या सुरक्षित रिटर्न का झांसा देकर शुरू हुआ था. अविनाश और विशाखा राठौड़ ने मिलकर लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी स्कीम में पैसा लगाने पर हर महीने एक तय रकम मिलेगी. जब करोड़ों रुपये इकट्ठा हो गए, तो उन पैसों का गबन कर लिया गया और खातों की हेराफेरी के जरिए रकम इधर-उधर कर दी गई.
पति अविनाश राठौड़ को पहले ही लाया जा चुका है
विशाखा की वापसी से कुछ ही दिन पहले उसका पति अविनाश राठौड़ सीबीआई के शिकंजे में आया था.
- 4 जून 2026 को पति-पत्नी दोनों के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ.
- 23 जुलाई को यूएई अधिकारियों ने अविनाश को हिरासत में लेकर भारत डिपोर्ट कर दिया.
- मुंबई एयरपोर्ट उतरते ही पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अविनाश को गिरफ्तार कर लिया. अदालत ने उसे 10 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा था.
भगोड़ों पर सीबीआई का कसता शिकंजा
सीबीआई का कहना है कि विदेश में छिपे आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों को भारत वापस लाने के लिए वह इंटरपोल और विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रही है. यह पूरा ऑपरेशन सीबीआई के ‘भारतपोल’ (Bharatpol) प्लेटफॉर्म के जरिए कोऑर्डिनेट किया गया.
हाल ही में केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी थी कि 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 अलग-अलग देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है.