Who Is Tarun Tejpal: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को ‘तहलका’ मैगज़ीन के फाउंडर और पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल को 2013 के उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराया. बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच, जिसमें जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसंडेकर शामिल थे, ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद पिछले हफ़्ते फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था. भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बरी किए जाने के फ़ैसले को पलटने की गोवा सरकार की अपील के पक्ष में दलीलें दीं, जबकि सीनियर वकील आबाद पोंडा ने 62 वर्षीय तेजपाल का पक्ष रखा.
क्या है तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामला?
तरुण तेजपाल को 7 और 8 नवंबर, 2013 को गोवा में एक इवेंट के दौरान फाइव-स्टार होटल की लिफ़्ट में अपनी एक पूर्व जूनियर सहयोगी के उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया था. तेजपाल, जिन्होंने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है, को 30 नवंबर, 2013 को गिरफ़्तार किया गया था. उत्पीड़न के आरोपों के बाद उन्होंने ‘तहलका’ के एडिटर-इन-चीफ़ के पद से भी इस्तीफ़ा दे दिया था.
तेजपाल पर तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 341 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 354 (शील-भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354-A (यौन उत्पीड़न), 354-B (कपड़े उतारने के इरादे से महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 376(2)(f) (महिलाओं पर अधिकार की स्थिति में होने के बावजूद बलात्कार करना) और 376(2)(k) (नियंत्रण की स्थिति में होने के बावजूद बलात्कार करना) के तहत मुक़दमा चलाया गया था.
कौन हैं तरुण तेजपाल ?
तहलका की शुरुआत पत्रकार तरुण तेजपाल और सह-संस्थापक अनिरुद्ध बहल ने की थी और इसे मुख्य रूप से तरुण तेजपाल ही आगे बढ़ा रहे थे. आर्थिक रूप से, घाटे में चल रहे इस पब्लिकेशन को मुख्य रूप से राजनेता और उद्योगपति कंवर दीप (के.डी.) सिंह से जुड़ी कॉरपोरेट कंपनियों से फंडिंग मिलती थी और वे ही इसके मालिक थे.
तरुण तेजपाल का जन्म 15 मार्च 1963 को हुआ था. वे एक भारतीय पत्रकार, प्रकाशक, उपन्यासकार, उद्यमी और तहलका पत्रिका के संस्थापक संपादक हैं. वे अपनी खोजी पत्रकारिता और लोगों के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के लिए प्रसिद्ध हैं. वर्ष 2000 से 2013 के बीच तहलका ने कई महत्वपूर्ण समाचार और जांच रिपोर्ट प्रकाशित कीं, जिनसे तरुण तेजपाल को पहचान मिली. उन्होंने चार प्रसिद्ध उपन्यास भी लिखे हैं, जिनमें द स्टोरी ऑफ माई असैसिन्स प्रमुख है. उनके साहित्यिक कार्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है.