कड़कड़डूमा कोर्ट ने आज शुक्रवार यानी 31 जुलाई को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को फरवरी 2020 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ऑफिसर अंकित शर्मा की हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई. अब हर कोई जानना चाह रहा है कि ताहिर हुसैन कौन हैं, और वो कैसे इस केस में फंसे?
कौन हैं ताहिर हुसैन?
ताहिर हुसैन एक भारतीय नेता हैं, उनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था. वह आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नगर पार्षद हैं. ताहिर हुसैन पूर्वी दिल्ली के नेहरू विहार (वार्ड 59) से आम आदमी पार्टी (AAP) के नगर निगम पार्षद चुने गए थे. वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों में उनका नाम सामने आने के बाद AAP ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था. इसके बाद उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का दामन थामा और इसी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा.
क्या लगा आरोप?
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ऑफिसर अंकित शर्मा की फरवरी 2020 के दंगों के दौरान हत्या कर दी गई थी और बाद में उनका शव एक नाले से बरामद किया गया था. दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने हिंसक भीड़ को लीड करने और IB ऑफिसर अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या की साज़िश रचने के लिए दोषी ठहराया था. जिनकी बॉडी नाले में फेंक दी गई थी.
कोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस सहित चारों आरोपियों पर IPC की धारा 302 (हत्या) और धारा 147 (दंगा) के तहत सज़ा के लायक अपराध के लिए दोषी ठहराया था. अब आज 31 जुलाई को सज़ा सुनाते हुए कोर्ट ने जुर्म को “बहुत गंभीर” बताया और कहा कि इस घटना ने समाज की सोच को हिलाकर रख दिया है. कोर्ट ने कहा कि जिस तरह से घटनाएं हुईं, उसने समाज को सांप्रदायिक हिंसा के दौरान देखी गई क्रूरता पर सोचने पर मजबूर कर दिया.
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