Who is Ajay Pal Sharma: उत्तर प्रदेश के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी अजय पाल शर्मा बंगाल में खूब सुर्खियां बंटोर रहे हैं. भाजपा ने 4 मई को बंगाल में एतिहासिक जीत हासिल की है. अजय पाल शर्मा भी बंगाल चुनाव को दौरान भी चर्चाओं में आए थे. इसका कारण था उनका एक वीडियो जो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में वह एक राजनीतिक कार्यकर्ता को कड़ी चेतावनी देते हुए नजर आ रहे थे. वहीं अब जानकारी के मुताबिक, गृह मंत्रालय (MHA) ने कथित तौर पर UP कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा का अगले 5 वर्षों के लिए डेपुटेशन पर पश्चिम बंगाल तबादला करने का आदेश दिया है।
बता दें कि, चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया था. आइए जानते हैं कि अजय पाल शर्मा कौन है? जो बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सुर्खियों में रहे
IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा कौन हैं?
2011 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अजय पाल शर्मा अपनी आक्रामक और एक्शन-ओरिएंटेड पुलिसिंग शैली के लिए जाने जाते हैं. वह पहले एक डेंटल सर्जन रहे, उन्होंने सिविल सेवाओं में शामिल होने के लिए अपना मेडिकल पेशा छोड़ दिया और तब से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सेवा दी है, जिनमें जौनपुर, शामली, रामपुर और हाथरस शामिल हैं. वर्तमान में प्रयागराज में सहायक पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) के रूप में तैनात शर्मा ने कानून प्रवर्तन पर कड़ा ध्यान केंद्रित करने वाले एक सख्त अधिकारी के रूप में अपनी प्रतिष्ठा बनाई है. उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और यूपी का ‘सिंघम’ के रूप में जाना जाता है.
500 से अधिक पुलिस मुठभेड़ों का नेतृत्व
जौनपुर में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें 500 से अधिक पुलिस मुठभेड़ों का नेतृत्व करने का श्रेय दिया गया, जिसमें सिर्फ 22 महीनों में रिकॉर्ड 136 मुठभेड़ें शामिल थीं. यह चेतावनी कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थकों को दी गई थी, जिन पर स्थानीय लोगों ने डराने-धमकाने का आरोप लगाया है.
विरोध का करना पड़ा सामना
जहांगीर खान को TMC नेता अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है. सूत्रों ने बताया कि खान के आवास का पता लगाने की कोशिश करते समय शर्मा को शुरू में विरोध का सामना करना पड़ा, क्योंकि स्थानीय निवासी और यहां तक कि कुछ पुलिसकर्मी भी कथित तौर पर डर के कारण विवरण साझा करने में हिचकिचा रहे थे. हालांकि, उनकी टीम ने आखिरकार एक तलाशी अभियान के बाद पते का पता लगा लिया.
शर्मा ने सुरक्षा तैनाती में अनियमितताओं को भी उजागर किया. जहां जहांगीर खान ‘Y-श्रेणी’ की सुरक्षा के हकदार हैं जिसमें 10 कर्मी होते हैं, वहीं उनके आवास पर 14 पुलिसकर्मी तैनात पाए गए. इसके बाद, शर्मा ने स्थानीय SP को कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती के लिए स्पष्टीकरण मांगते हुए एक नोटिस जारी किया.