Cockroach Janta Party: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक निजी आवास के बाहर पुलिस तैनात है, जबकि घर में कोई मौजूद नहीं है. परिवार के सदस्य कुछ दिन पहले ही चुपचाप किसी दूसरी जगह चले गए थे. बताया जा रहा है कि वे अपने बेटे की भारत वापसी से पहले उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. 30 वर्षीय अभिजीत डिपके जो अमेरिका के बोस्टन में रहते हैं इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. उन्होंने 6 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर लोगों से जुटने की अपील की है. इस आह्वान के बाद उनका नाम दिल्ली के राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है.
अभिजीत डिपके ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक हैं. उनका कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों को उजागर करना और उनमें सुधार की मांग करना है. इसके लिए वे एयरपोर्ट से जंतर-मंतर तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं.
बेटे को लेकर चिंतित है परिवार
अभिजीत के पिता भगवानराव डिपके ने कहा कि एक पिता होने के नाते उनकी चिंताएं स्वाभाविक हैं. उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने बेटे को किसी भी तरह के अभियान से दूर रहने की सलाह दी थी, लेकिन जब कोई व्यक्ति किसी उद्देश्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हो जाता है तो उसे रोकना आसान नहीं होता. भगवानराव डिपके पिछले वर्ष महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) से इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. उन्होंने बताया कि परिवार ने फिलहाल अपना घर छोड़ दिया है और किसी अन्य स्थान पर रह रहा है. हालांकि उन्हें किसी प्रकार की धमकी नहीं मिली है. उन्होंने कहा “अभिजीत को कानून की अच्छी समझ है और उसने हमें भरोसा दिलाया है कि वह किसी भी कानूनी प्रावधान का उल्लंघन नहीं करेगा.”
गिरफ्तारी के लिए भी तैयार हैं अभिजीत
मानवाधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता असीम सरोदे ने बताया कि बुधवार को अभिजीत डिपके ने उनसे फोन पर संपर्क किया था और अपने आंदोलन के लिए समर्थन मांगा था. सरोदे के अनुसार अभिजीत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं. उनका मानना है कि यह मुद्दा केवल उन 30 लाख छात्रों तक सीमित नहीं है जिन्होंने NEET परीक्षा दी है, बल्कि उनके माता-पिता भी इससे प्रभावित हैं. इस तरह यह मामला लगभग 70 से 80 लाख लोगों से जुड़ा हुआ है.
कई प्रमुख हस्तियों को दिया न्योता
अभिजीत डिपके ने अपने प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने के लिए कई प्रसिद्ध व्यक्तियों को आमंत्रित किया है. इनमें शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक, अभिनेता प्रकाश राज, सामाजिक कार्यकर्ता विश्वंभर चौधरी और वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले के नाम शामिल हैं.
असीम सरोदे ने कहा कि अभिजीत का फिलहाल कोई राजनीतिक दल बनाने का इरादा नहीं है. उनका उद्देश्य केवल शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाना है और वे अपना आंदोलन पूरी तरह कानूनी दायरे में रहकर चलाना चाहते हैं.
6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित यह प्रदर्शन अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भारत पहुंचने के बाद अभिजीत डिपके अपने अभियान को किस तरह आगे बढ़ाते हैं.