Home > देश > SCO Summit 2026: SCO क्या है और भारत के लिए क्यों जरूरी? जानिए शंघाई सहयोग संगठन की पूरी कहानी

SCO Summit 2026: SCO क्या है और भारत के लिए क्यों जरूरी? जानिए शंघाई सहयोग संगठन की पूरी कहानी

What is SCO Summit: बिश्केक में होने वाला SCO समिट 2026, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक है. यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित की जा रही है.

By: Heena Khan | Published: September 2, 2026 1:13:43 PM IST



What is SCO Summit: बिश्केक में होने वाला SCO समिट 2026, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक है. यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित की जा रही है. साथ ही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह समिट SCO की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक है और इसमें स्थायी शांति, विकास और समृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

SCO समिट क्या है?

तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2026 का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट, SCO के राष्ट्राध्यक्षों की 26वीं वार्षिक बैठक है, जो 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित की जा रही है. किर्गिज़स्तान अपनी 2025-2026 की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता के दौरान 2026 में बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. इस शिखर सम्मेलन में SCO के 10 सदस्य देशों के नेता क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी उपायों, व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, डिजिटल सहयोग और टिकाऊ विकास पर चर्चा करने के लिए एक साथ आते हैं. यह बैठक इसमें शामिल नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत के लिए एक मंच भी प्रदान करती है.

SCO समिट 2026 में भारत की भागीदारी

बिश्केक में होने वाले SCO समिट 2026 में भारत की भागीदारी सुरक्षा, कनेक्टिविटी, आर्थिक अवसरों, युवाओं और क्षेत्रीय सहयोग पर केंद्रित है. नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री का संबोधन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें SCO समिट को संबोधित कर रहे हैं. उनके संबोधन में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं पर ज़ोर दिया गया है.

सुरक्षा प्राथमिकता: भारत ने लगातार इस बात पर ज़ोर दिया है कि आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से बिना किसी दोहरे मापदंड के निपटा जाना चाहिए. मोदी ने आतंकवाद के सभी रूपों का सामूहिक रूप से विरोध करने का आह्वान किया.

सुरक्षा, कनेक्टिविटी, अवसर: मोदी ने SCO के प्रति भारत के नज़रिए के तीन मुख्य स्तंभों को “सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर” बताया. यह सोच क्षेत्रीय स्थिरता को आर्थिक एकीकरण और लोगों के लिए अवसरों से जोड़ती है.

युवा और स्टार्टअप: भारत SCO देशों में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की वकालत करता है. यह क्षेत्रीय विकास के लिए युवाओं की ऊर्जा, इनोवेशन और उद्यमिता का उपयोग करके मज़बूत स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी समर्थन करता है.

भारत-रूस बैठक: समिट के दौरान, PM मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. उनकी बातचीत में द्विपक्षीय संबंध, रूस-यूक्रेन युद्ध और क्षेत्र की प्रमुख घटनाओं पर चर्चा हुई.

GATE vs JAM: ग्रेजुएशन के बाद GATE या JAM? IIT में पढ़ाई से लेकर शानदार करियर तक, जानें किस एग्जाम में हैं ज्यादा मौके

SCO समिट 2026 का एजेंडा

बिश्केक में होने वाले SCO समिट 2026 के एजेंडे में पारंपरिक सुरक्षा चिंताओं के साथ-साथ व्यापक यूरेशियाई क्षेत्र से जुड़ी आर्थिक, तकनीकी, पर्यावरणीय और कनेक्टिविटी से जुड़ी प्राथमिकताएं शामिल हैं.

क्षेत्रीय सुरक्षा: सुरक्षा SCO की मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है. सदस्य देशों से उम्मीद है कि वे आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खिलाफ सहयोग को मजबूत करेंगे और सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का सामना करेंगे.

आतंकवाद-विरोधी उपाय: भारत आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंडों का विरोध करता रहा है. SCO का ढांचा आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई पर जोर देता है.

संगठित अपराध: सीमा-पार संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. संगठित अपराध से निपटने के लिए प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय केंद्र का मकसद सदस्य देशों के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत करना है.

साइबर खतरे: SCO के एजेंडे में साइबर अपराध, साइबर हमले और डिजिटल तकनीकों का गलत इस्तेमाल भी शामिल है. डिजिटल सहयोग तेजी से क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास से जुड़ रहा है.

ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी: यूरेशिया में ट्रांसपोर्ट लिंक को बेहतर बनाना एक बड़ी आर्थिक प्राथमिकता है. चीन-किर्गिस्तान-उज्बेकिस्तान रेलवे से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होने और सामान की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है.

व्यापार सहयोग: SCO सदस्य आपस में व्यापार बढ़ाने, ट्रांजिट की क्षमता को बेहतर बनाने, निवेश को आसान बनाने और सदस्य देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं.

SBI PO Prelims Result 2026 Declared: एसबीआई पीओ रिजल्ट sbi.bank.in पर जारी, ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड

SCO समिट के सदस्य देश

  • चीन
  • रूस
  • भारत
  • पाकिस्तान
  • ईरान
  • बेलारूस
  • कज़ाकिस्तान

Advertisement