Jahangir Khan Arrest: पश्चिम बंगाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को टीएमसी के पूर्व विधायक जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया है. जहांगीर खान विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी सीट फालता में गड़बड़ी की खबरों के बाद दोबारा मतदान (repolling) का आदेश दिए जाने पर विवादों में आ गए थे. बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी कलकत्ता हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच द्वारा टीएमसी के इस कद्दावर नेता को पांच एफआईआर में मिली अंतरिम सुरक्षा (interim protection) को आगे बढ़ाने से इनकार करने के कुछ हफ़्ते बाद हुई है.
जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी ने मामले को रेगुलर बेंच के पास भेज दिया था. इससे पहले, जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने 21 मई को होने वाले दोबारा मतदान को ध्यान में रखते हुए खान को 26 मई तक अंतरिम सुरक्षा दी थी.
गिरफ्तारी से मिली थी सुरक्षा
राज्य सरकार ने अंतरिम सुरक्षा खत्म होने से पहले आदेश को रद्द करने के लिए जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच से संपर्क किया था, लेकिन जज ने दखल देने से इनकार कर दिया. जहांगीर खान को गिरफ्तारी से सुरक्षा तब मिली थी जब उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल पुलिस की किसी भी सख्त कार्रवाई से सुरक्षा मांगी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ बार-बार आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं. यह याचिका मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की उस चेतावनी के दो दिन बाद दायर की गई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि वह ‘पुष्पा’ (जहांगीर खान के लिए इस्तेमाल किया गया नाम) के मामले को खुद देखेंगे.
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चुनाव के दौरान गड़बड़ी का लगा था आरोप
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फालता विधानसभा क्षेत्र में वोटरों को धमकाने के आरोप में पुलिस पर्यवेक्षक बनाए गए अजय पाल शर्मा ने कायदे में रहने की चेतावनी दी थी. इसके बाद जहांगीर खान ने कहा था कि मैं पुष्पा हूं झुकूंगा नहीं. इस पूरे प्रकरण के बाद चुनाव आयोग ने फालता विधानसभा चुनाव में दोबारा मतदान कराने की घोषणा की थी. चुनाव प्रचार थमने से ठीक पहले जहांगीर खान ने खुद चुनाव मैदान से हटने का एलान कर दिया था.
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