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शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान! बकरीद पर होगी अब राज्य में बस 1 दिन की छुट्टी, सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर लगी रोक

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार ने ईद-उल-जुहा यानी बकरीद पर छुट्टियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का फैसला पलट दिया है. मुस्लिमों के अब इस त्योहार पर राज्य में सिर्फ एक दिन की छुट्टी रहेगी.

By: Shivangi Shukla | Published: May 23, 2026 4:42:04 PM IST



पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार ने ईद-उल-जुहा यानी बकरीद पर छुट्टियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का फैसला पलट दिया है. मुस्लिमों के अब इस त्योहार पर राज्य में सिर्फ एक दिन की छुट्टी रहेगी. 

बता दें कि ममता बनर्जी के कार्यकाल में इस त्योहार पर दो दिन की छुट्टी का प्रावधान था, जिसे शुभेंदु सरकार ने रद कर दिया है. वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार की पशु वध संबंधी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन 

सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा, “उपर्युक्त अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए राज्यपाल महोदय ईद-उल-जुहा (बकरीद) के अवसर पर 28 मई, 2026 (गुरुवार) को सार्वजनिक अवकाश घोषित करते हुए प्रसन्नता व्यक्त करते हैं.” इसमें आगे कहा गया, “ईद-उल-जुहा (बकरीद) से एक दिन पूर्व और ईद-उल-जहा (बकरीद) के अवसर पर क्रमशः 26 मई, 2026 (मंगलवार) और 27 मई, 2026 (बुधवार) के लिए पहले से घोषित अवकाश रद किए जाते हैं. 26 मई, 2026 (मंगलवार) और 27 मई, 2026 (बुधवार) उन सभी कार्यालयों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों के लिए कार्य दिवस होंगे, जिन पर उपर्युक्त अधिसूचना लागू होती है.”

इसमें आगे कहा गया, “ईद-उल-जोहा (बकरीद) से एक दिन पूर्व और ईद-उल-जोहा (बकरीद) के अवसर पर क्रमशः 26 मई, 2026 (मंगलवार) और 27 मई, 2026 (बुधवार) के लिए पहले से घोषित अवकाश रद किए जाते हैं. 26 मई, 2026 (मंगलवार) और 27 मई, 2026 (बुधवार) उन सभी कार्यालयों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों के लिए कार्य दिवस होंगे, जिन पर उपर्युक्त अधिसूचना लागू होती है.”

कलकत्ता हाई कोर्ट ने पशु वध पर लगाई रोक 

कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार की पशु वध संबंधी गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि बिना जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, भैंस, बैल या बछड़े का वध नहीं किया जा सकता. चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी की बेंच ने कहा कि खुले सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी पशु का वध पूरी तरह बैन है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि ईद-उल-जुहा में गाय की कुर्बानी इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है.

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