Home > देश > मानसून ने बढ़ाई मुश्किलें, भूस्खलन और जलभराव से उत्तराखंड में अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

मानसून ने बढ़ाई मुश्किलें, भूस्खलन और जलभराव से उत्तराखंड में अलर्ट, कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

Uttarakhand monsoon: उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, चमोली और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है. कई राष्ट्रीय और राज्य मार्ग भूस्खलन व मलबा आने से बंद हुए हैं, जबकि ग्रामीण सड़कों पर भी आवाजाही बाधित है.

By: Ranjana Sharma | Published: July 9, 2026 12:47:27 PM IST



Uttarakhand monsoon: उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक लगातार हो रही बारिश ने जहां तापमान में गिरावट लाकर मौसम को सुहाना बना दिया है, वहीं दूसरी ओर भूस्खलन, सड़क अवरोध और जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं. कई जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों को संवेदनशील बताते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
 

देहरादून में राहत भरा मौसम, प्रशासन ने हालात को बताया सामान्य

 
देहरादून जिले के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. लगातार वर्षा के कारण मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट महसूस की गई. जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों से स्थिति की रिपोर्ट ली और बताया कि फिलहाल जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है. प्रशासन के अनुसार ऋषिकेश, डोईवाला, सदर, मसूरी उपतहसील, विकासनगर, कालसी और त्यूणी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि चकराता क्षेत्र में हल्की वर्षा दर्ज की गई. अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
 

हरिद्वार में झमाझम बारिश, गंगा के जलस्तर पर नजर

 
हरिद्वार जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई. जिला प्रशासन के अनुसार हरिद्वार में 122 मिमी, रुड़की में 160 मिमी, भगवानपुर में 45 मिमी, लक्सर में 180 मिमी और रोशनाबाद में 115 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 291.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी और खतरे के स्तर से नीचे बना हुआ है. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है.
 

टिहरी में लगातार बारिश से हाईवे और ग्रामीण सड़कें प्रभावित

 
नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में रातभर बारिश जारी रही. लगातार वर्षा के कारण एनएच-07 ऋषिकेश-कीर्तिनगर मार्ग तीनधारा के पास बंद हो गया. इसके अलावा एसएच-30 सुवाखोली-अलमस-नगुण मार्ग रौतु की बेली के पास और एसएच-77 नरेंद्रनगर-रानीपोखरी मार्ग भी बाधित हो गया. जिले में छह ग्रामीण मोटर मार्ग भी बंद बताए गए हैं. सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन मार्गों को खोलने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.
 

चमोली में भूस्खलन का असर, बदरीनाथ और गैरसैंण हाईवे हुए बाधित

 
चमोली जिले में रात से जारी बारिश का असर प्रमुख मार्गों पर देखने को मिला. बदरीनाथ हाईवे भनेरीपानी के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया था, जिसे बाद में खोल दिया गया. इससे बदरीनाथ धाम की यात्रा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई, हालांकि फिलहाल यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है. गैरसैंण हाईवे भी मलबा आने से कुछ समय के लिए बंद रहा, जिसे बाद में यातायात के लिए खोल दिया गया. जिले में अभी भी 19 ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है.
 

कुमाऊं में बढ़ीं दिक्कतें, जलभराव और बढ़ते जलस्तर से चिंता

 
कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है, जबकि कई नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. देहरादून में भी लगातार बारिश के कई दौर के बाद अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम में ठंडक बढ़ने के बावजूद लोगों को संभावित आपदाओं का डर सता रहा है.

 

पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट, बहुत भारी बारिश की चेतावनी

 
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार गुरुवार को भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा, गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और अत्यंत तीव्र बारिश के दौर पड़ने की आशंका जताई गई है. वहीं अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी बारिश और तेज गर्जना की संभावना बनी हुई है.

 

पिथौरागढ़ में कैलास मानसरोवर मार्ग पर भूस्खलन

 
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार बारिश का असर कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भी देखने को मिला. धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग पर चट्टान दरकने से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया, जिसके कारण मार्ग बुधवार सुबह लगभग पांच बजे से साढ़े नौ बजे तक बंद रहा. मार्ग बाधित होने से कैलास मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को करीब साढ़े चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा. इसी मार्ग से दारमा और चौंदास घाटियों का संपर्क भी बना रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
 

सड़कें खोलने में जुटा प्रशासन

 
पिथौरागढ़ जिले में फिलहाल 18 ग्रामीण सड़कें बंद हैं, जिससे 20 हजार से अधिक लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ है. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में मशीनें लगाकर मलबा हटाने और मार्गों को जल्द से जल्द बहाल करने का अभियान शुरू कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं.

Advertisement