PM Awas Yojana 2.0: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पक्के घर का सपना अब आसान हो सकता है. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले पात्र लोगों को घर निर्माण के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी. योजना के अंतर्गत सामान्य पात्र लाभार्थियों को 2.50 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी, जबकि बुजुर्ग, विधवा महिला और दिव्यांग लाभार्थियों को ज्यादा सहायता के साथ ये राशि 2.80 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने मंगलवार को पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना की प्रगति और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इच्छुक नागरिक जरूरी दस्तावेजों के साथ डूडा कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं.
पार्षदों से पात्र परिवारों की पहचान
नगर निगम सेवा भवन सभागार में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई. इसमें पार्षदों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और लाभार्थियों के चयन की पूरी जानकारी दी गई. नगर आयुक्त ने कहा कि पार्षद जनता और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं. यदि सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड में जरूरतमंद और पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने में मदद करेंगे तो कोई भी पात्र परिवार पक्के मकान के लाभ से वंचित नहीं रहेगा.
उन्होंने डूडा परियोजना अधिकारी कौशल कुमार को निर्देश दिए कि लंबित आवेदनों का सत्यापन तय समय सीमा में पूरा कर पात्र लोगों को जल्द से जल्द योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए.
अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए मिलेगी सहायता
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत जिन लाभार्थियों के पास अपनी जमीन है और वे उस पर नया पक्का मकान बनाना चाहते हैं, उन्हें 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक, विधवा महिला और दिव्यांग लाभार्थियों को 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलेगी. वहीं, यदि लाभार्थी एक साल के अंदर मकान निर्माण पूरा कर लेता है तो उसे 10 हजार रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा. इस तरह पात्र व्यक्ति को अधिकतम 2.80 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है.
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि आवेदन प्रक्रिया स्वयं पूरी करें और किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं. आवेदन जनसूचना केंद्र या डूडा कार्यालय में किया जा सकता है. आवेदन के बाद अधिकारियों की टीम मौके पर जाकर जियो टैगिंग और भौतिक सत्यापन करेगी.
योजना का लाभ लेने के लिए ये हैं जरूरी शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से होना जरूरी है. परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक होनी चाहिए. इसके अलावा आवेदक के पास मकान निर्माण के लिए जमीन का वैध स्वामित्व प्रमाण पत्र होना चाहिए. इसमें रजिस्ट्री, पट्टा, खतौनी जैसे दस्तावेज शामिल हैं. जमीन किसी विवाद में नहीं होनी चाहिए.
योजना के तहत वही परिवार पात्र होंगे जिनके नाम देश के किसी भी हिस्से में पहले से पक्का मकान नहीं है. साथ ही परिवार ने पहले केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना का लाभ भी नहीं लिया होना चाहिए.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड.
- जमीन से जुड़े दस्तावेज जैसे रजिस्ट्री, पट्टा या खतौनी.
- प्रस्तावित मकान का नक्शा और अनुमानित लागत विवरण.
- आय प्रमाण पत्र या स्वघोषणा पत्र.
- बैंक पासबुक की कॉपी.
- कच्चे मकान या खाली प्लॉट की फोटो.
योजना में मिलने वाले मेन फायदे
- अपनी जमीन पर नया पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता.
- राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी.
- निर्माण की प्रगति के आधार पर किस्तों में भुगतान.
- ऑनलाइन और पारदर्शी आवेदन प्रक्रिया.
नगर निगम को मिले 14 हजार से ज्यादा आवेदन
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र से सत्यापन के लिए कुल 14,621 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 4,677 आवेदन पात्र पाए गए हैं, जबकि 2,823 आवेदन अपात्र घोषित किए जा चुके हैं. वहीं, 7,121 आवेदनों का सत्यापन अभी जारी है.