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Train Ticket Rule for Children: बच्चे को गोद में बैठाकर फ्री में सफर? जानिए रेलवे का असली नियम

Train Ticket Rule for Children: भारतीय रेलवे में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं. जब परिवार के साथ छोटे बच्चे होते हैं, तब सीट को लेकर कई बार परेशानी हो जाती है. कुछ यात्री सोचते हैं कि छोटा बच्चा तो गोद में बैठ जाएगा, इसलिए उसकी सीट पर वे बैठ सकते हैं.

By: Heena Khan | Published: May 10, 2026 2:16:36 PM IST



Train Ticket Rule for Children: भारतीय रेलवे में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं. जब परिवार के साथ छोटे बच्चे होते हैं, तब सीट को लेकर कई बार परेशानी हो जाती है. कुछ यात्री सोचते हैं कि छोटा बच्चा तो गोद में बैठ जाएगा, इसलिए उसकी सीट पर वे बैठ सकते हैं. लेकिन रेलवे के नियम इसके बारे में बिल्कुल साफ हैं. अगर बच्चे के नाम पर सीट बुक है, तो उस सीट पर उसी बच्चे और उसके परिवार का अधिकार होता है. बिना पूछे उस सीट पर बैठना गलत माना जाता है और इससे यात्रियों के बीच बहस या झगड़ा भी हो सकता है. इसलिए ट्रेन में सफर करते समय सीट से जुड़े नियमों की जानकारी होना बहुत जरूरी है.

छोटे बच्चों के टिकट और सीट का नियम

रेलवे के नियमों के अनुसार 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए टिकट लेना जरूरी नहीं होता. ऐसे बच्चे अपने माता-पिता के साथ बिना टिकट यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अलग सीट या बर्थ नहीं मिलती. उन्हें गोद में या साथ बैठाकर सफर करना होता है. वहीं, अगर बच्चे की उम्र 5 साल से ज्यादा और 12 साल से कम है, तो उसके लिए टिकट लेना जरूरी होता है. यदि परिवार बच्चे के लिए अलग सीट चाहता है, तो टिकट बुक करते समय पूरा किराया देना पड़ता है. टिकट बुक होने के बाद बच्चे के नाम पर सीट रिजर्व हो जाती है और उस सीट पर किसी दूसरे यात्री का अधिकार नहीं रहता. चाहे बच्चा उस समय सीट पर बैठा हो या नहीं, सीट उसी की मानी जाएगी.

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सफर के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

ट्रेन में अक्सर ज्यादा भीड़ होने या वेटिंग टिकट की वजह से लोग खाली दिख रही सीटों पर बैठ जाते हैं. छोटे बच्चों की सीट देखकर कई यात्री सोचते हैं कि बच्चा तो गोद में चला जाएगा और वे वहां बैठ सकते हैं. लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. अगर किसी सीट पर किसी बच्चे का रिजर्वेशन है, तो वहां बैठने से पहले परिवार की अनुमति लेना जरूरी है. बिना पूछे सीट पर बैठना गलत व्यवहार माना जाता है. परिवारों को भी चाहिए कि अगर वे बच्चे के साथ आरामदायक यात्रा करना चाहते हैं, तो पहले से अलग सीट जरूर बुक करें. इससे सफर आसान और आरामदायक रहता है. साथ ही, सभी यात्रियों को एक-दूसरे की सुविधा और अधिकार का सम्मान करना चाहिए ताकि यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके.

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