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Suvendu Adhikari PA Murder: जो नहीं कर पाई कई राज्यों की पुलिस UPI पेमेंट ने किया वो काम, अयोध्या में मिला शुभेंदु अधिकारी के PA का शूटर

Suvendu Adhikari PA Murder: इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए, पुलिस को एक अहम सुराग मिला जिससे उन्हें शूटरों तक पहुंचने में मदद मिली. यह सुराग कोलकाता के पास एक टोल बूथ पर किया गया UPI पेमेंट था. जांच टीम टोल प्लाजा पर संदिग्धों के डिजिटल पेमेंट को ट्रैक कर रही थी ताकि अपराध से पहले और बाद में उनकी हरकतों का पता लगाया जा सके. टीम ने ऐसा करने के लिए CCTV फुटेज का भी इस्तेमाल किया.

By: Divyanshi Singh | Last Updated: May 11, 2026 3:54:36 PM IST



: पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुभेंदु अधिकारी चंद्रनाथ रथ की हत्या के सिलसिले में तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है. CID पश्चिम बंगाल के अनुसार, 10 मई को, मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को बक्सर, बिहार से और राज सिंह को बलिया, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, राज सिंह बक्सर में रहता है लेकिन घटना के बाद अयोध्या में छिपा हुआ था. कोलकाता पुलिस और अयोध्या पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन के बाद राज सिंह को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद उसे कोलकाता ले जाया गया.

इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए, पुलिस को एक अहम सुराग मिला जिससे उन्हें शूटरों तक पहुंचने में मदद मिली. यह सुराग कोलकाता के पास एक टोल बूथ पर किया गया UPI पेमेंट था. जांच टीम टोल प्लाजा पर संदिग्धों के डिजिटल पेमेंट को ट्रैक कर रही थी ताकि अपराध से पहले और बाद में उनकी हरकतों का पता लगाया जा सके. टीम ने ऐसा करने के लिए CCTV फुटेज का भी इस्तेमाल किया. अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रांज़ैक्शन से इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और हमलावरों द्वारा इस्तेमाल किए गए भागने के रास्ते का पता लगाने में बहुत मदद मिलने की संभावना थी.

चंद्रनाथ के बैठने की जगह जानने का शक

रथ की 6 मई की रात को नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस के मुताबिक, उनकी SUV को उनके घर से करीब 200 मीटर दूर रोका गया था. एक सिल्वर निसान माइक्रा ने उनका रास्ता रोक लिया था. जैसे ही गाड़ी रुकी, बाइक पर सवार हमलावरों ने पास से गोलियां चला दीं.

गोलीबारी में चंद्रनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई. चंद्रनाथ कार की अगली सीट पर बैठे थे. जांच टीम को पक्का शक है कि हमलावरों को चंद्रनाथ के बैठने की जगह के बारे में पक्की जानकारी थी. इससे पता चलता है कि यह हत्या एक सोची-समझी और प्रोफेशनल तरीके से की गई साजिश थी. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि हमलावरों को ठीक-ठीक पता था कि उनका टारगेट कहाँ बैठा है.

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