Who is Shakti Sharma | Air Force Vice Marshal | Kon Hain Shakti Sharma: मंगलवार को भारतीय वायु सेना की अधिकारी एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने देश की सशस्त्र सेनाओं के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है. वह भारतीय रक्षा बलों में मेडिकल ब्रांच के बजाय नॉन मेडिकल ब्रांच से एयर वाइस मार्शल या समकक्ष 2 स्टार रैंक हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गईं हैं.
भारतीय वायु सेना (IAF) और रक्षा बलों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने इतिहास रचा और एयर वाइस मार्शल (या इसके बराबर) का पद पाने वाली पहली महिला अधिकारी (गैर-चिकित्सा) बनीं. रक्षा मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, AVM शर्मा इस पद पर अपने साथ बहुत अनुभव लेकर आएंगी, क्योंकि उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर्स, फील्ड स्टेशनों, कमांड हेडक्वार्टर और एयर हेडक्वार्टर में काम किया है.
शक्ति शर्मा कौन हैं?
AVM शर्मा को सबसे पहले 1994 में IAF की एजुकेशन ब्रांच में कमीशन किया गया था. तब से उन्होंने कई अलग-अलग पोस्टिंग और ट्रेनिंग सेंटर्स में काम किया है. वह मेडिकल ब्रांच के बाहर IAF में पहली महिला ग्रुप कैप्टन भी थीं. उन्होंने IIT कानपुर और पुणे यूनिवर्सिटी में IAF ‘चेयर्स ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने में अहम भूमिका निभाते हुए एकेडमिक और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने का काम भी किया है.
AVM के पद पर पदोन्नत होकर इतिहास रचने से पहले शर्मा तीनों सेनाओं (Tri-Services) की पहली ऐसी महिला थीं जिन्होंने किसी सैनिक स्कूल की कमान संभाली थी. उन्होंने सैनिक स्कूल, कपूरथला की प्रिंसिपल के तौर पर काम किया.
A historic milestone for the Indian Air Force.
On 01 Sep 2026, Air Vice Marshal Shakti Sharma became the first woman officer (non-medical) in the Indian Defence Services to attain the rank of Air Vice Marshal (or equivalent). She assumed the appointment of Assistant Chief of… pic.twitter.com/9IulN6QjOb
— Indian Air Force (@IAF_MCC) September 1, 2026
रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि भारतीय रक्षा बलों में महिला अधिकारियों की यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ती है. तीन दशकों से ज़्यादा की शानदार सेवा के साथ, वह पीढ़ियों को ‘शान के साथ आसमान छूने’ (Touch the Sky with Glory) के लिए प्रेरित करती रहती हैं. शर्मा का AVM के पद पर पहुंचना सशस्त्र बलों में उन महिलाओं के लिए एक नए दौर की शुरुआत है, जिन्होंने 1990 के दशक में सेना जॉइन की थी और अब सीनियर लेवल तक पहुंच रही हैं.