Home > क्राइम > महिलाओं से संबंध बनाने के बाद खोद देता था गड्ढे, इंजेक्शन लगाते ही बेहोश हो जाती थीं ‘गर्लफ्रेंड्स’ फिर लाश के साथ करता था दरिंदगी!

महिलाओं से संबंध बनाने के बाद खोद देता था गड्ढे, इंजेक्शन लगाते ही बेहोश हो जाती थीं ‘गर्लफ्रेंड्स’ फिर लाश के साथ करता था दरिंदगी!

Serial Murder Doctor Santosh Pol: डॉक्टर संतोष पॉल डेड बॉडी को दफनाने के लिए जेसीबी मशीन से 3 महीने पहले ही अपने फार्म हाउस पर छह से सात फुट गहरा गड्ढा खोदवा लेता था.

By: JP Yadav | Published: August 6, 2026 3:29:23 PM IST



Serial Murder Doctor Santosh Pol: सीरियल मर्डर के दोषी डॉ. संतोष पॉल को पुलिस ने 11 अगस्त,  2026 को गिरफ्तार किया तो उसके खुलासे ने देशभर में हड़कंप मचा दिया.  पूछताछ में  डॉ. पोल की साथी नर्स ज्योति मांद्रे ने उनके साथ नाजायज रिश्ते की बात कबूल की और उसी ने मर्डर की जानकारी भी दी.  इस हाई-प्रोफाइल मामले ने सनसनी मचा दी थी, जब ‘डॉक्टर डेथ’ के नाम से मशहूर पोल ने कथित तौर पर हत्याओं को अंजाम देने की बात कबूल की थी. संतोष पॉल डॉक्टर होने की योग्यता ना होने के बावजूद डॉक्टर के रूप में काम करता था. उसकी सहयोगी ज्योति मांद्रे पर 5 महिलाओं सहित कम से कम छह लोगों को बहला-फुसलाकर हत्या करने का आरोप लगा. इसके बाद खुलासा हुआ कि पीड़ितों को उसने घातक इंजेक्शन देकर मार डाला और  उनसे सोना लूट लिया. इसके बाद शवों को वाई से लगभग 13 किलोमीटर दूर पोल के फार्महाउस में दफना दिया.  महाराष्ट्र में 6 कत्ल का दोषी डॉक्टर संतोष पॉल पूरी प्लानिंग से हत्याओं को अंजाम देता था. जिन महिलाओं को उसकी हत्या करनी होती थी, उन्हें फार्म हाउस पर बहाने से बुलाता था. इसके बाद बाद में इंजेक्शन से ड्रग का ओवरडोज देकर मार डालता था. फिर वहीं दफना देता था.

पुलिस ने सीरियल किलर को कैसे पकड़ा

15 जून, 2016 को आंगनबाड़ी टीचर मंगला जेधे लापता हो गईं. वाई पुलिस स्टेशन में दर्ज गुमशुदगी की शिकायत में उनके परिवार ने डॉ. संतोष पॉल पर उनके गायब होने में शामिल होने का शक जताया.शुरुआत में समाज में डॉ. पॉल की अच्छी छवि को देखते हुए वाई पुलिस उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई करने से हिचकिचा रही थी. साथ ही हत्याओं के मामले को बहुत सावधानी से संभाल रही थी. डॉ. संतोष पोल ने एक सोशल वर्कर के तौर पर कई भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा किया था और वाई पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे.

वहीं पुलिस को जब लापता टीचर के कॉल रिकॉर्ड मिले तो पता चला कि उनके फोन पर आखिरी बातचीत डॉ. संतोष पॉल ने की थी. पर्याप्त सबूत मिलने पर पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया. हालांकि, डॉ. संतोष पॉल ने पूछताछ का सामना बहुत आसानी से किया और कहा कि हो सकता है कि उन्होंने अपने मरीजों से बात की हो. वहीं जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उनके लापता होने के दौरान भी उनके सेलफोन से कॉल किए जा रहे थे. जब पुलिस ने मंगला जेधे के सेलफोन की लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया, तो वे नर्स ज्योति मांद्रे तक पहुंचे. जांच में पता चला कि ज्योति मांद्रे जांच टीमों को गुमराह करने के लिए उस फोन का इस्तेमाल कर रही थीं.  इसके बाद पूछताछ के दौरान ज्योति मांद्रे ने डॉक्टर के साथ अवैध संबंध होने की बात कबूल की. ​​उसने यह भी बताया कि डॉ. पोल ने मंगला जेधे की हत्या की थी.

ज्योति मांद्रे के कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने डॉ. संतोष पोल के लिए गिरफ्तारी वारंट हासिल किया और उन्हें मुंबई से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान डॉ. संतोष पोल ने कबूल किया कि उसने मंगला जेधे को अपने फार्महाउस पर एनेस्थीसिया देकर बेहोश किया और फिर उसे ज़िंदा ही दफ़ना दिया. उसने अपने अपराध को सही ठहराते हुए दावा किया कि उसके साथ उसके गुप्त संबंध थे.

अजीबोगरीब था फार्महाउस

जांच के दौरान मंगला जेधे के अवशेष उसके फार्महाउस से निकाले गए. पुलिस ने धोम गांव के पास उसके 2 एकड़ के फार्म में बने एक कमरे से ECG मशीन, कुछ सिरिंज और RTI दस्तावेज़ भी बरामद हुए. मंगला जेधे के अलावा डॉ. संतोष पॉल ने पांच और लोगों की हत्या करने की बात कबूल की, जिनमें से 4 महिलाएं थीं.

चालाकी से दिया गया वारदात को अंजाम

कोल्हापुर रेंज के IG विश्वास नांगरे पाटिल ने इस अपराध को पहले से सोची-समझी और बेरहमी से की गई हत्या बताया था. उन्होंने कहा कि डॉ. संतोष पॉल एक चालाक व्यक्ति था, जिसने अपनी साथी ज्योति मांद्रे का ब्रेनवॉश करके उसे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने आत्मदाह करने के लिए उकसाया था. उन्होंने कहा कि डॉ.संतोष पॉल ज्योति मांद्रे को खत्म करके उसके शव को अपने फार्महाउस के कई खाली गड्ढों में से किसी एक में दफ़नाने की योजना बना रहा था, जिससे उसके गलत कामों का कोई सबूत ना बचे.

जिनकी की हत्या उनसे थे अवैध संबंध

आरोपी ने दावा किया था कि जिन महिलाओं की उसने हत्या की, उन सभी के साथ उसके गुप्त संबंध थे. मंगला जेधे, सलमा शेख, जगाबाई पोल, सुरेखा चिकने, वनिता गायकवाड़ और उनके पड़ोसी नथमल भंडारी  को पहले जानलेवा दवा की ओवरडोज़ दी गई और फिर ज़िंदा दफ़ना दिया गया. सिर्फ़ एक महिला, वनिता गायकवाड़ की लाश को धोम बांध के बैकवॉटर में फेंका गया था.

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