Rahul Gandhi News: देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आ चुके हैं. इनमें कांग्रेस को सिर्फ केरल में जीत मिली. वहीं पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हार का सामना करना पड़ा. पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में जहां बीजेपी के जीत मिली, वहीं तमिलनाडु में पहली बार चुनाव लड़ रही टीवीके ने कामयाबी हासिल की. ऐसे में एक बार फिर से लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं, जो पिछले लगभग 10 सालों से उठाए जा रहे हैं.
आंकड़ों के मुताबिक राहुल गांधी के राजनीति में एक्टिव होने के बाद पिछले लगभग 25 सालों में उन्हों 99 चुनावी हार का सामना करना पड़ा है. इसका मतलब है कि एक और हार के बाद वे हार का शतक लगा देंगे.
‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकालने के बाद भी मिल रही हार
राहुल गांधी लगतार देश, संविधान और लोकतंत्र बचाने की हुंकार भरते दिखते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है. वे ‘भारत जोड़ो यात्रा’ तक निकाल चुके हैं, जिसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में जा चुके हैं, इसके बाद भी उन्हें ज्यादातर चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है.
इंफो इन डाटा की ओर से जारी एक पोस्टर में राहुल गांधी के 99 चुनावी हार का जिक्र किया गया है. नक्शे में देश के उन राज्यों को चिन्हित किया गया है, जहां कांग्रेस को अलग-अलग चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. पोस्टर में लोकसभा चुनाव 2014, 2019 और 2024 का भी जिक्र है, जहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था.
किन-किन चुनावों में मिली शिकस्त?
राहुल गांधी के कांग्रेस की राजनीति के केंद्र में रहने के दौरान जिन चुनावों में हार का सामना करना पड़ा, उनमें जम्मू-कश्मीर (2014), पंजाब (2007, 2012, 2022), हरियाणा (2014, 2019, 2024), दिल्ली (2013, 2015, 2020, 2025), गुजरात (2007, 2012, 2017, 2022), राजस्थान (2013, 2023), मध्य प्रदेश (2008, 2013, 2018, 2023), महाराष्ट्र (2014, 2019, 2024), गोवा (2012, 2017, 2022), कर्नाटक (2004, 2008, 2018), केरल (2006, 2016, 2021), तेलंगाना (2014, 2018), आंध्र प्रदेश (2014, 2019, 2024), पुडुचेरी (2011, 2021, 2026), तमिलनाडु (2011, 2016, 2026), हिमाचल प्रदेश (2007, 2017), उत्तराखंड (2007, 2017, 2022) शामिल हैं.
इसके अलावा सिक्किम (2004, 2009, 2014, 2019, 2024), उत्तर प्रदेश (2007, 2012, 2017, 2022), बिहार (2005, 2010, 2015, 2020), पश्चिम बंगाल (2006, 2016, 2021, 2026), अरुणाचल प्रदेश (2019, 2024), असम (2016, 2021, 2026), नागालैंड (2008, 2013, 2018, 2023), मणिपुर (2017, 2022), मिजोरम (2018, 2023), त्रिपुरा (2008, 2013, 2018, 2023), मेघालय (2018, 2023), झारखंड (2005, 2009, 2014), ओडिशा (2004, 2009, 2014, 2019, 2024) और छत्तीसगढ़ (2008, 2013, 2023) जैसे राज्य भी शामिल हैं.