Rahul Gandhi Detained: कांग्रेस पार्टी के टॉप लीडरशिप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी घर के एक गेट के पास धरना देकर न सिर्फ सरकार और पुलिस को, बल्कि पार्टी के कई सांसदों को भी हैरान कर दिया. पार्टी के एक सीनियर नेता ने इस घटना के बारे में बताते हुए कहा कि टॉप नेताओं के लिए इतने हाई-सिक्योरिटी वाले इलाके में विरोध करना सीक्रेसी ज़रूरी थी, क्योंकि पहले से जानकारी मिलने पर इलाके को घेर लिया जा सकता था.
कांग्रेस सासंदो को नहीं थी जानकारी
सांसदों को पार्टी प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे को उनके जन्मदिन की बधाई देने के लिए 10 राजाजी मार्ग पर उनके घर पहुंचने के लिए कहा गया था. इसलिए, कई सांसदों जिन्हें होने वाले डेवलपमेंट के बारे में पता नहीं था, खड़गे के घर पहुंच गए. फिर उन्हें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पीछे जाने के लिए कहा गया, क्योंकि टॉप लीडर्स अचानक खड़गे के घर से करीब 500 मीटर दूर 7 लोक कल्याण मार्ग के गेट की ओर बढ़ने लगे.
जैसे ही इस घटना की खबर फैली, पार्टी के दूसरे नेता भी मौके पर पहुंच गए. कुछ ही टॉप नेताओं को इस कदम के बारे में पता था और वे दोनों सदनों की कार्यवाही खत्म होने के बाद खड़गे के घर पहुंचे. लेकिन, ज़्यादातर सांसदों इस प्लान के बारे में पता नहीं था.
राहुल गांधी छत्रसाल स्टेडियम से बाहर आए
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव और कई दूसरे सांसदों को पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर के बाहर प्रोटेस्ट करते हुए गिरफ्तार कर लिया. पुलिस उन्हें और कई दूसरे नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम ले गई. अब राहुल गांधी समेत सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया है.
प्रियंका गांधी ने कहा, “कल स्टूडेंट्स के साथ जो बेरहमी हुई, वह बिल्कुल गलत थी. ये हमारे बच्चे हैं, देश का भविष्य हैं. हम स्टूडेंट्स का मुद्दा पार्लियामेंट में फिर से ज़रूर उठाएंगे. जब हम पार्लियामेंट में बच्चों के भविष्य से जुड़े ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हैं, तो सरकार ‘वंदे मातरम’ के सम्मान पर चर्चा करने लगती है. ‘वंदे मातरम’ का मतलब है हमारी मातृभूमि का सम्मान, इसलिए हमें अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना है और उनकी रक्षा करनी है.”