Rahul Gandhi British Citizenship Controversy: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता पर सवाल उठाने वाली याचिका को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में बुधवार 2 सितंबर 2026 को सुनवाई हुई. याचिका में दावा किया गया था कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक नहीं, बल्कि ब्रिटेन के नागरिक हैं और इसी आधार पर रायबरेली से सांसद चुने जाने की उनकी पात्रता पर सवाल उठाया गया था.
हालांकि, सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अपने आरोपों के समर्थन में जरूर दस्तावेज पेश नहीं कर सके. इसके बाद उन्होंने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया.
किसने दायर की थी याचिका?
यह याचिका अशोक पांडे और एक अन्य याचिकाकर्ता ने दाखिल की थी. इसमें राहुल गांधी को ‘श्री राहुल गांधी @ राउल विंची’ के नाम से संबोधित किया गया था. याचिका में क्वो वारंटो की रिट जारी करने की मांग की गई थी, ताकि उनकी लोकसभा सदस्यता और चुनाव लड़ने की पात्रता पर सवाल उठाया जा सके.
क्या था राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दावा?
याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क था कि राहुल गांधी ने कथित तौर पर 21 अगस्त 2003 को ब्रिटेन में Backops Limited नाम की कंपनी के गठन से जुड़े दस्तावेजों में खुद को कंपनी का डायरेक्टर, बड़ा शेयरहोल्डर और ब्रिटिश नागरिक बताया था. इसी आधार पर उनकी भारतीय नागरिकता पर सवाल उठाया गया. याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले 2015 और 2019 में भी अदालत का रुख किया गया था. 2019 में केंद्र सरकार को इस संबंध में एक प्रतिनिधित्व भी दिया गया था.
कोर्ट में क्या हुआ?
जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अबदेश कुमार चौधरी की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता अपने आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त डॉक्यूमेंट पेश नहीं कर पाएं. कोर्ट ने खास तौर पर कहा कि याचिकाकर्ता कंपनी के गठन, ब्रिटेन के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के रिकॉर्ड या ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिससे यह साबित हो कि राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था. याचिकाकर्ता ने जिस दस्तावेज पर भरोसा किया, वह क्रैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का कथित कन्फर्मेशन लेटर था. कोर्ट ने कहा कि इससे मौजूदा याचिका में लगाए गए आरोप साबित नहीं होते.
कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
कोर्ट की टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने कि अनुमति मांगी. बेंच ने इसकी इजाजत दे दी. कोर्ट ने आदेश में कहा कि The Petitioner is permitted to withdraw the present writ petition. इसके बाद याचिका को Dismissed as Withdrawn कर दिया गया. यानी कोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया, बल्कि पर्याप्त दस्तावेज पेश न किए जाने के बाद याचिका वापस लिए जाने के कारण मामला वहीं समाप्त हो गया.