Home > देश > दुपट्टे के टुकड़े से बांधी थी सीएम धामी को राखी, अब अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने भावुक पत्र के साथ भेजी राखी

दुपट्टे के टुकड़े से बांधी थी सीएम धामी को राखी, अब अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने भावुक पत्र के साथ भेजी राखी

Pushkar Singh Dhami: अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी भेजी है. इसके साथ उन्होंने मुख्यमंत्री को एक भावुक पत्र भी लिखा है. पत्र में उन्होंने पिछले वर्ष धराली में आई आपदा के दौरान मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को याद किया है.

By: Sohail Rahman | Published: September 2, 2026 1:16:53 PM IST



Pushkar Singh Dhami: रक्षाबंधन के अवसर पर अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी भेजी है. इसके साथ उन्होंने मुख्यमंत्री को एक भावुक पत्र भी लिखा है. पत्र में उन्होंने पिछले वर्ष धराली में आई आपदा के दौरान मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को याद किया है. धनगौरी ने बताया कि पिछले वर्ष रक्षाबंधन के समय वह उत्तराखंड आई थीं.

इसी दौरान धराली में आई बाढ़ में वह फंस गई थीं. मुख्यमंत्री धामी जब आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे और वहां फंसे लोगों से मिले, तब उन्हें भी मुख्यमंत्री से मिलने का मौका मिला.

धनगौरी ने क्या बताया?

धनगौरी ने बताया कि उस समय रक्षाबंधन करीब था. मुख्यमंत्री ने उनसे कहा था कि अगर उनके पास राखी हो तो वह उन्हें राखी बांध सकती हैं. उस समय उनके पास राखी नहीं थी. उन्होंने अपने दुपट्टे का एक छोटा सा टुकड़ा फाड़कर उसे ही राखी मानकर मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया. धनगौरी ने अपने पत्र में लिखा कि उसी दिन उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपना धर्म भाई मान लिया था. उनके लिए वह मुलाकात आज भी बहुत खास है और उस पल को वह कभी नहीं भूल सकतीं.

मुश्किल घड़ी में सीएम धामी ने बढ़ाया था हौसला

उन्होंने कहा कि धराली की उस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री धामी ने वहां फंसे लोगों का हौसला बढ़ाया और उन्हें भरोसा दिया. धनगौरी ने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह श्रीकृष्ण द्रौपदी की मदद के लिए आगे आए थे, उसी तरह मुख्यमंत्री भी उस कठिन समय में उनके लिए सहारा बने. धनगौरी ने कहा कि इस वर्ष वह अहमदाबाद में हैं, लेकिन रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी भेजना वह नहीं भूल सकतीं. इसी भाव के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के लिए राखी भेजी है.

पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु रहने की कामना की और कहा कि वह इसी तरह उत्तराखंड और प्रदेश की जनता की सेवा करते रहें. धराली की आपदा के दौरान दुपट्टे के टुकड़े से शुरू हुआ यह भाई-बहन का रिश्ता आज भी धनगौरी के लिए उतना ही खास है.

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