PM Modi Free Bike Scheme 2026 Fact Check: सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित तौर पर एक नई योजना का जिक्र कर रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि इस स्कीम के तहत लोगों को मुफ्त में बाइक दी जाएगी. इस वीडियो को देखकर लोग काफी खुश हैं और इसे जमकर शेयर भी कर रहे हैं. लेकिन क्या वाकई सरकार ऐसी कोई योजना चला रही है? आइए जानते हैं इस वायरल वीडियो के पीछे का पूरा सच.
क्या है पूरा मामला?
फेसबुक पर इन दिनों पीएम मोदी का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है. वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों के पास आधार कार्ड है और उनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में नहीं है, उन्हें सरकार की तरफ से मुफ्त मोटरसाइकिल दी जाएगी. इस खबर के वायरल होने के बाद अब सरकार ने खुद सामने आकर इसकी सच्चाई साफ की है.
क्या है इस वीडियो का सच?
सरकार की आधिकारिक एजेंसी PIB Fact Check ने अपने एक्स हैंडल पर इस वीडियो की सच्चाई बताई है. पीआईबी ने इसे पूरी तरह फर्जी करार दिया है.
पीआईबी ने बताया कि ‘GovtEdge’ नाम के एक फेसबुक पेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक AI से बदला हुआ नकली वीडियो शेयर किया जा रहा है. वीडियो में किया गया दावा कि आधार कार्ड धारकों को फ्री बाइक मिलेगी, पूरी तरह मनगढ़ंत है. केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से ऐसी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की गई है.
पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे लुभावने दावों के झांसे में न आएं और न ही इस तरह के फर्जी वीडियो को आगे शेयर करें. केंद्र सरकार की किसी भी योजना की सही और सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट https://myscheme.gov.in पर ही भरोसा करें.
फेसबुक पेज ‘GovtEdge’ द्वारा साझा किए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI जनित वीडियो में दावा किया जा रहा है कि 25 वर्ष से अधिक उम्र के आधार कार्ड धारकों को फ्री स्कूटी दी जा रही है। #PIBFactCheck
❌ यह दावा #फर्जी है। प्रधानमंत्री द्वारा ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है।
⚠️ कृपया… pic.twitter.com/AzqcttmY56
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) July 6, 2026
पहले भी वायरल हो चुके हैं ऐसे फर्जी वीडियो
यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी सरकारी योजना के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा हो. कुछ समय पहले एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि पीएम मोदी सबको मुफ्त मोबाइल फोन बांट रहे हैं. पीआईबी ने उस वीडियो को भी जांच में फर्जी पाया था.
सोशल मीडिया पर आए दिन सरकारी योजनाओं के नाम पर ऐसे फर्जी वीडियो और मैसेज तैरते रहते हैं. इसलिए किसी भी ऐसी खबर पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें और पहले उसकी प्रामाणिकता जरूर जांच लें.