प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अगली किस्त देने से पहले सरकार ने किसानों के लिए वार्षिक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है, जिसकी अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गयी है.
केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित इस योजना को अधिक पारदर्शी बनाने, डाटा लीक को रोकने तथा केवल वास्तविक लाभार्थियों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए ही सभी पंजीकृत किसानों के लिए वार्षिक ई-केवाईसी कराना जरूरी कर दिया गया है.
दो तरीके से करा सकते हैं ई-केवाईसी
उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि योजना के तहत पंजीकृत किसान दो तरीके से अपनी ई-केवाईसी पूर्ण करा सकते हैं; बायोमैट्रिक ई-केवाईसी और फेशियल ई-केवाईसी. बायोमैट्रिक ई-केवाईसी के लिए किसान अपने निकटतम स्थित जन सेवा केंद्र पर जाकर बायोमैट्रिक ऑथेन्टिकेशन के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं.
वहीं, जो किसान फेशियल ई-केवाईसी कराना चाहते हैं वे इसके लिए पीएम किसान मोबाइल एप का उपयोग कर सकते हैं या ग्राम नोडल अधिकारी (वीएनओ) एवं फील्ड कार्मिकों से संपर्क कर इस अनिवार्य प्रक्रिया को पूर्ण हैं.
PM किसान सम्मान निधि योजना के बारे में
प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार की एक पहल है जो किसानों को न्यूनतम आय सहायता के रूप में प्रति वर्ष ₹6,000 तक देती है. इस पहल की घोषणा पीयूष गोयल ने 1 फरवरी 2019 को भारत के अंतरिम केंद्रीय बजट 2019 के दौरान की थी. 24 फरवरी 2019 को, नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक करोड़ से अधिक किसानों को ₹2,000 की पहली किस्त हस्तांतरित करके इस योजना की शुरुआत की. इस योजना के तहत 22 किस्त जारी की जा चुकी है.