Petrol diesel price today 6 july 2026: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं. पहले जहां युद्ध की आशंकाओं के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी, वहीं अब क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और अन्य जरूरी सामान लेकर आने वाले जहाज बिना किसी बड़ी रुकावट के गुजर रहे हैं. इस बीच तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC के सदस्य देशों ने भी कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ा दिया है. इन दोनों घटनाक्रमों का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखाई दिया और सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी दर्ज की गई,
भारत में नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को भी ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा. देश में 25 मई 2026 के बाद से पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. चुनाव के बाद 11 दिनों में चार बार बढ़े थे दाम पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद तेल कंपनियों ने मई 2026 में लगातार चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे. सबसे पहले 15 मई 2026 को पेट्रोल 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था.
- 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ.
- 23 मई को फिर पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे बढ़ाया गया.
- 25 मई 2026 को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया.
- इन चार बढ़ोतरी के बाद से ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमत
सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार 6 जुलाई 2026 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम इस प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (रु./लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 102.12 |
| कोलकाता | 113.51 |
| मुंबई | 111.21 |
| चेन्नई | 107.77 |
| नोएडा | 102.12 |
| चंडीगढ़ | 101.51 |
| लखनऊ | 101.89 |
| पटना | 113.37 |
| रांची | 105.26 |
| भोपाल | 114.57 |
प्रमुख शहरों में डीजल की कीमत
| शहर | डीजल (रु./लीटर) |
| दिल्ली | 95.20 |
| कोलकाता | 99.82 |
| मुंबई | 97.83 |
| चेन्नई | 99.55 |
| नोएडा | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 89.47 |
| लखनऊ | 95.36 |
| पटना | 99.36 |
| रांची | 100.49 |
| भोपाल | 99.64 |
होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य हो रहे हालात
दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में अब हालात पहले की तुलना में काफी बेहतर बताए जा रहे हैं. यहां से सिर्फ कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस ही नहीं, बल्कि उर्वरक और उनके कच्चे माल से जुड़े जहाज भी सामान्य रूप से गुजर रहे हैं. इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है.
OPEC देशों ने बढ़ाया उत्पादन
तेल बाजार को राहत देने वाली एक और बड़ी खबर OPEC देशों से आई है. संगठन के 11 सदस्य देशों ने कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 में इन देशों का संयुक्त उत्पादन प्रतिदिन लगभग 19.43 मिलियन बैरल तक पहुंच गया. उत्पादन बढ़ने से वैश्विक बाजार में सप्लाई मजबूत हुई है, जिसका असर तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरम पड़ा कच्चा तेल
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. वैश्विक मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव 0.39 प्रतिशत यानी 0.28 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 71.84 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया. वहीं अमेरिकी WTI Crude का दाम भी 0.29 प्रतिशत यानी 0.20 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ 68.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
क्या आगे सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति सामान्य बनी रहती है, OPEC देशों का उत्पादन बढ़ा रहता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी रहती है, तो आने वाले समय में भारत में भी ईंधन की कीमतों को लेकर राहत मिलने की संभावना बन सकती है. हालांकि फिलहाल तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह की कटौती का संकेत नहीं दिया है. ऐसे में उपभोक्ताओं को अभी कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है.