Pak Threat India: ऐसा लगता है जैसे Operation Sindoor भूल गए हैं शहबाज़ शरीफ! एक बार फिर दुश्मन देश में बैठे-बैठे उन्होंने भारत को धमकी दे दी है. जी हाँ! पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत को उकसाने की कोशिश की है. यह कोशिश नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच 1960 की सिंधु जल संधि (IWT) को सस्पेंड करने के भारत के फ़ैसले को लेकर की गई है. इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भारत को धमकी दी. उन्होंने चेतावनी दी कि भारत ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे सस्पेंड की गई संधि के तहत इस्लामाबाद के पानी के अधिकारों पर असर पड़े. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की ‘हर एक बूंद’ एक ‘रेड लाइन’ है.
भारत को दी धमकी
बता दें कि शरीफ ने पाकिस्तान को शांति का समर्थक बताया, लेकिन साथ ही कहा कि शांति की उसकी इच्छा को कमज़ोरी नहीं समझा जाना चाहिए और इस्लामाबाद अपनी संप्रभुता को दी गई किसी भी चुनौती का कड़ा जवाब देगा. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं साफ़ तौर पर कहता हूं कि पाकिस्तान के पानी की हर एक बूंद हमारी रेड लाइन है. अगर भारत होश में नहीं आया, तो उसे सीधा जवाब दिया जाएगा.’ उन्होंने ‘सिंधु जल संधि को एकतरफा और गैर-कानूनी तरीके से सस्पेंड करने’ के लिए नई दिल्ली को ‘शांति का दुश्मन’ भी करार दिया.
Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif threatens India in his Independence Day speech:
“I declare each and every single drop of Pakistan’s water is our red line. If India does not come to its senses, it will be given a direct response.” pic.twitter.com/Bx0LtWi4bj
— Dhairrya Maheshwari (@dhairyam14) August 14, 2026
सिंधु जल संधि के बारे में
तिब्बत से शुरू होकर, सिंधु नदी कश्मीर से होते हुए पूरे पाकिस्तान में बहती है. 1960 में वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में हुई सिंधु जल संधि, तब से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के इस्तेमाल को नियंत्रित करती आ रही है. यह संधि भारत को सिंधु नदी प्रणाली का 20 प्रतिशत पानी और बाकी 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को देती है. यह पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) को पाकिस्तान को और पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास और सतलुज) को भारत को आवंटित करती है. साथ ही, यह हर देश को दूसरी तरफ आवंटित नदियों के कुछ खास इस्तेमाल की इजाज़त भी देती है. अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद, नई दिल्ली ने सज़ा के तौर पर इस संधि को “सस्पेंड” कर दिया था, क्योंकि उसने हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों को ज़िम्मेदार ठहराया था.