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1988 में मात्र हजार रुपये वेतन, आज आलीशान घर और… आय से अधिक संपत्ति मामले में वन रेंजर पर ओडिशा विजिलेंस का शिकंजा

Odisha Forest Ranger DA Case: ओडिशा विजिलेंस डिपार्टमेंट ने केंद्रपाड़ा फॉरेस्ट रेंज के फॉरेस्ट रेंजर रवींद्र कुमार नायक के खिलाफ आय से ज़्यादा संपत्ति (DA) के आरोपों की जांच तेज कर दी है. उनके कई ठिकानों पर चल रही तलाशी के बीच, डिपार्टमेंट ने उनकी सर्विस से जुड़ी जानकारी जारी की है.

By: Shristi S | Published: July 8, 2026 5:29:38 PM IST



Odisha Vigilance Raid: ओडिशा विजिलेंस डिपार्टमेंट ने केंद्रपाड़ा फॉरेस्ट रेंज के फॉरेस्ट रेंजर रवींद्र कुमार नायक के खिलाफ आय से ज़्यादा संपत्ति (DA) के आरोपों की जांच तेज कर दी है. उनके कई ठिकानों पर चल रही तलाशी के बीच, डिपार्टमेंट ने उनकी सर्विस से जुड़ी जानकारी जारी की है.

शुरुआती जांच में एक आलीशान घर, कई ज़मीन के प्लॉट, लाखों रुपये कैश और बैंक डिपॉजिट समेत कई संपत्तियां सामने आने के बाद जांच तेज कर दी गई है.

विजिलेंस डिपार्टमेंट ने क्या बताया?

विजिलेंस डिपार्टमेंट के मुताबिक, रवींद्र कुमार नायक 8 अगस्त, 1988 को एक रिहैबिलिटेशन स्कीम के तहत फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में फॉरेस्टर के तौर पर शामिल हुए थे. उनकी शुरुआती महीने की सैलरी ₹1,000 थी. उनकी पहली पोस्टिंग पुरी फॉरेस्ट डिवीजन के तहत खोरधा में हुई थी.

अपनी सर्विस के दौरान, उन्होंने राज्य भर के अलग-अलग फॉरेस्ट डिवीजनों में अलग-अलग पदों पर काम किया. उन्होंने चिलिका वाइल्डलाइफ डिवीजन (बालूगांव), चंदका वाइल्डलाइफ डिवीजन (भुवनेश्वर), महानदी वाइल्डलाइफ डिवीजन (नयागढ़), और सिटी फॉरेस्ट डिवीजन, भुवनेश्वर में फॉरेस्टर के तौर पर काम किया.

2016 में रवींद्र को डिप्टी रेंजर के पद पर प्रमोट किया गया

करीब 28 साल की सर्विस के बाद, 21 जुलाई 2016 को उन्हें डिप्टी रेंजर के पद पर प्रमोट किया गया. इसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर के सिटी फॉरेस्ट डिवीजन में अपनी सर्विस जारी रखी. बाद में, 8 फरवरी 2021 को उन्हें फॉरेस्ट रेंजर अपॉइंट किया गया और अथागढ़ डिवीजन में पोस्ट किया गया. फिर उनका ट्रांसफर केंद्रपाड़ा फॉरेस्ट रेंज में हो गया, जहां वे अभी काम करते हैं.

इस दौरान, विजिलेंस को आय से ज़्यादा संपत्ति की शिकायत मिली. शिकायत के आधार पर, स्पेशल कोर्ट से सर्च वारंट लिए गए और कटक और केंद्रपाड़ा जिलों में उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए. इस ऑपरेशन में सीनियर विजिलेंस अधिकारियों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया.

जांच के दौरान क्या-क्या जानकारी मिली?

जांच के दौरान, बरंगा के मुंडुली इलाके में लगभग 6,400 स्क्वायर फीट के चार मंजिला आलीशान घर, कटक जिले के बांकी इलाके में एक और बिल्डिंग और बरंगा इलाके में छह कीमती जमीन के प्लॉट के बारे में जानकारी मिली. इन सभी प्रॉपर्टी की टेक्निकल जांच चल रही है.

इसके अलावा, सर्च में ₹2.14 लाख कैश, लगभग ₹43 लाख के बैंक डिपॉजिट, एक ग्रैंड विटारा कार, एक टू-व्हीलर और सोने की ज्वेलरी भी मिली है. ज्वेलरी का वजन और मूल्यांकन किया जा रहा है, जबकि दूसरे इन्वेस्टमेंट और फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स की भी जांच की जा रही है.

आय से ज्यादा संपत्ति 

विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि बरामद एसेट्स की तुलना रवींद्र कुमार नायक की असल इनकम और उनकी सर्विस के दौरान हुई इनकम से की जाएगी. अगर जांच में यह साबित होता है कि एसेट्स उनकी घोषित इनकम से ज़्यादा हैं, तो प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

अभी सर्च ऑपरेशन चल रहा है, और जांच एजेंसी सभी चल और अचल प्रॉपर्टीज़ का डिटेल्ड रिकॉर्ड इकट्ठा कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद एक डिटेल्ड रिपोर्ट जारी की जाएगी. इस कार्रवाई को राज्य में करप्शन और अवैध संपत्ति के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है.

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