NIA NEWS: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश के 10 राज्यों और दिल्ली में 20 स्थानों पर एक साथ व्यापक छापेमारी कर ISIS और AQIS के ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इनका उद्देश्य युवा वर्ग को जिहाद के नाम पर उकसा कर हिंदुस्तान के आवाम की ज़हनीयत खराब करना था.
“दहशतगर्दी के सौदागरों ने इसे हथियार बना दिया
वो जो इंसानियत का कत्ल कर रहे हैं सरे-आम
खुद को खुदा का बंदा और मज़हब का रखवाला बता दिया”
लेकिन भारतीय एजेंसियों ने इनके नापाक मंसूबो पर जबरदस्त प्रहार करते हुए राजधानी दिल्ली समेत 10 राज्यों के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते हुए धड़ाधड़ गिरफ्तारियां कर आतंकवादियों को धूल चटा दी.
आतंकवाद का उद्देश्य सिर्फ हिंसक कार्रवाई करना भर नहीं है. यह आतंक के उत्पादन में है. यह भड़काने, विभाजित करने, और घातक अंजाम देते हैं, जिनका वो आगे आतंक का औचित्य साबित करने के लिए उपयोग करते हैं. मुख्य साजिश के तहत, ये समूह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काकर भारत की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद छेड़ने और ‘इस्लामिक स्टेट’ की स्थापना करने की साजिश रच रहे थे.
कहां कहां हुई कार्रवाई
स्थान और दायरा क्या था आतंकी संगठनों का
जानकारी के अनुसार NIA आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली में लगभग 20 ठिकानों पर छापेमारी की.
छापेमारी का क्या था उद्देश्य
प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की विचारधारा का फैलने से रोकना, आतंकियों के डिजिटल कम्युनिकेशन नेटवर्क को तोड़ने और टेरर फंडिंग/हवाला लिंक की जांच करने के लिए ये छापेमारी नितान्त आवश्यक था.
कितनी हुई गिरफ्तारियां
इस मामले में अब तक 11 बालिग और एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है. एनआईए की टीमों ने छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
एक मुख्य आरोपी की हुई गिरफ्तारी
इस मामले का मुख्य आरोपी ‘रहमतुल्लाह शरीफ मोहम्मद’ है. जांच के दौरान पता चला कि इन लोगों ने “अल मलिक यूथ इस्लामिक कमिटी” (AMYIC) नाम से सोशल मीडिया ग्रुप बनाए थे और विदेशी संचालकों के सीधे संपर्क में थे.